गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

देई माई मंदिर की जोहड़ी पर संकट! ओवरबर्डन मिट्टी डालने का आरोप, पुजारी ने प्रशासन से लगाई गुहार

राजस्थान के नीम का थाना विधानसभा क्षेत्र के पाटन पंचायत समिति अंतर्गत देई माई मंदिर की जोहड़ी पर संकट के आरोप लगे हैं। पुजारी राकेश शर्मा ने आरोप लगाया है कि खुदाई कार्य के दौरान ओवरबर्डन की मिट्टी जोहड़ी में डाली जा रही है,

म
मुख्य संपादक

3 मिनट luckhnow

शेयर करें:
देई माई मंदिर की जोहड़ी पर संकट! ओवरबर्डन मिट्टी डालने का आरोप, पुजारी ने प्रशासन से लगाई गुहार
नीम का थाना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पंचायत समिति पाटन में देई माई मंदिर के सामने स्थित जोहड़ी के अस्तित्व पर संकट मंडराने का मामला सामने आया है।

नीम का थाना। नीम का थाना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पंचायत समिति पाटन में देई माई मंदिर के सामने स्थित जोहड़ी के अस्तित्व पर संकट मंडराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पास की खान से निकलने वाली ओवरबर्डन यानी अनुपयोगी मिट्टी जोहड़ी में डाली जा रही है। इससे जलस्रोत के प्राकृतिक स्वरूप और उसके अस्तित्व पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मामले को लेकर मंदिर के पुजारी राकेश शर्मा ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

जोहड़ी में मिट्टी डालने का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, देई माई मंदिर के सामने स्थित जोहड़ी में कथित तौर पर पास की खान से निकलने वाली मिट्टी डाली जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस गतिविधि को लेकर चिंता जताई जा रही है। आरोप है कि लगातार मिट्टी डाले जाने से जोहड़ी का मूल स्वरूप प्रभावित हो सकता है और भविष्य में इसके अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है।

मंदिर के पुजारी राकेश शर्मा का कहना है कि उन्होंने खान मालिकों को जोहड़ी में मिट्टी नहीं डालने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनके अनुसार इसके बावजूद मिट्टी डालने का सिलसिला जारी है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है।

हालांकि, जोहड़ी में कितनी मिट्टी डाली गई है और इससे कितना नुकसान हुआ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इन पहलुओं की वास्तविक स्थिति मौके के निरीक्षण और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 मनरेगा के तहत भी चल रहा खुदाई कार्य

इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि ग्राम पंचायत पाटन की ओर से इसी जोहड़ी में मनरेगा योजना के तहत खुदाई का कार्य जारी बताया जा रहा है। योजना के नए नाम VB-G RAM G के तहत चल रहे इस कार्य के बीच जोहड़ी में कथित रूप से ओवरबर्डन मिट्टी डाले जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब ग्राम पंचायत की ओर से जोहड़ी में खुदाई कराई जा रही है, तो उसी स्थान पर खान से निकलने वाली मिट्टी डाले जाने के आरोपों की जांच क्यों नहीं की जा रही है। इस स्थिति में संबंधित अधिकारियों के लिए यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि खुदाई का कार्य किन निर्धारित मानकों के तहत किया जा रहा है और जोहड़ी में मिट्टी डालने की गतिविधि की अनुमति है या नहीं।

 पुजारी राकेश शर्मा ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग

देई माई मंदिर के पुजारी राकेश शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अधिकारियों की टीम मौके पर भेजी जाए। उन्होंने जोहड़ी में डाली जा रही मिट्टी की जांच कराने और भूमि की वास्तविक स्थिति का आकलन करने की मांग उठाई है।

उनका कहना है कि यदि समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया गया, तो जोहड़ी को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से ग्राम पंचायत के तहत चल रहे खुदाई कार्य और खान से निकलने वाली मिट्टी के निस्तारण की स्थिति की भी जांच करने की अपील की है।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

देई माई मंदिर के सामने स्थित जोहड़ी को लेकर उठे इस मामले में अब संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। जरूरत है कि मौके का निरीक्षण कर यह पता लगाया जाए कि जोहड़ी में मिट्टी डाले जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इससे जलस्रोत या सरकारी भूमि को कोई नुकसान तो नहीं पहुंच रहा।

फिलहाल, पुजारी की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब इस मामले का संज्ञान लेता है और जोहड़ी के संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →