लखनऊ में भारत मिलाप नगर दर्शन शोभायात्रा का भव्य शुभारंभ, सत्येंद्र बारी ने किया स्वागत-सम्मान;
राजधानी लखनऊ के ऐशबाग रामलीला ग्राउंड से भारत मिलाप नगर दर्शन शोभायात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र कुमार बारी ने शोभायात्रा का स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी देखने को मिली
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में भारत मिलाप के अवसर पर धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। ऐशबाग रामलीला ग्राउंड से भारत मिलाप नगर दर्शन शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान नगर निगम जोन-2 के सामने विशेष पंडाल लगाकर शोभायात्रा का स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र बारी शामिल हुए। उन्होंने भारत मिलाप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आम जनमानस को भाईचारे, प्रेम, त्याग और समर्पण का संदेश दिया।
गिरजा शंकर बारी के नेतृत्व में हुआ स्वागत-सम्मान
नगर निगम जोन-2 के सामने लगाए गए विशेष पंडाल में स्वागत-सम्मान कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गिरजा शंकर बारी के नेतृत्व में किया गया। आयोजकों की ओर से प्रत्येक वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी भारत मिलाप शोभायात्रा के स्वागत की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में अतिथियों और आयोजन से जुड़े लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया तथा भारत मिलाप के धार्मिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।
मुख्य अतिथि सत्येंद्र बारी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत मिलाप की परंपरा हमें आपसी प्रेम, त्याग और पारिवारिक रिश्तों की अहमियत समझाती है। भगवान श्रीराम के वनवास से लौटने के बाद भरत और श्रीराम का मिलन भारतीय संस्कृति में भाईचारे और समर्पण का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है। यह प्रसंग बताता है कि रिश्तों में सम्मान और प्रेम का स्थान पद, प्रतिष्ठा तथा व्यक्तिगत स्वार्थ से कहीं अधिक होता है।
भरत के त्याग और भाई के प्रति समर्पण का दिया संदेश
सत्येंद्र बारी ने भारत मिलाप का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान समय में जब कई बार भाई-भाई के बीच मतभेद और आलोचना देखने को मिलती है, ऐसे में भरत का चरित्र समाज को एक महत्वपूर्ण सीख देता है। भरत के सामने राजसिंहासन प्राप्त करने का अवसर था, लेकिन उन्होंने अपने बड़े भाई भगवान श्रीराम के प्रति समर्पण और सम्मान को प्राथमिकता दी।
भारत मिलाप की कथा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जीवन में प्रेम, मर्यादा, त्याग और आपसी सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा भी देती है। इस परंपरा के माध्यम से लोगों को यह संदेश मिलता है कि परिवार और समाज में रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए अहंकार से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान करना आवश्यक है।
राजधानी में जगह-जगह निकाली जा रही शोभायात्राएं
भारत मिलाप के अवसर पर लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजन और शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं। श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है और आयोजन स्थलों पर लोगों की भागीदारी बनी हुई है। भारत मिलाप से जुड़ी परंपराएं भगवान श्रीराम के आदर्शों, पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देती हैं।
शोभायात्राओं के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन भी सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निगरानी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
नगर निगम जोन-2 के सामने आयोजित स्वागत-सम्मान कार्यक्रम में आयोजन से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे। इनमें कार्यक्रम के आयोजक गिरजा शंकर बारी के साथ सचिन चौहान, शिव प्रताप बारी, बृजेश कुमार, अभिषेक बारी, संदीप बारी, बहराइच से प्रेम सागर बारी, प्रदीप बारी, सावित्री बारी, रंजना वर्मा, रीना बारी, गुड़िया वर्मा और लक्ष्मी वर्मा सहित अन्य लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान भारत मिलाप शोभायात्रा के स्वागत के साथ भगवान श्रीराम और भरत के मिलन से मिलने वाली सीख को भी सामने रखा गया। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारे और पारिवारिक एकता की भावना को मजबूत करना रहा।