बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
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अपर्णा यादव का चंद्रशेखर आजाद पर हमला, बोलीं- योगी पर बोलने से पहले बूता हासिल करें

बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने चंद्रशेखर आजाद के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी गई चुनौती पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करने से पहले चंद्रशेखर आजाद को अपनी क्षमता साबित करनी चाहिए। अपर्णा यादव के इस बयान से यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।

Pawan Kumar

• रिपोर्टर व न्यूज़ संपादक

5 मिनट अमेठी

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अपर्णा यादव का चंद्रशेखर आजाद पर हमला, बोलीं- योगी पर बोलने से पहले बूता हासिल करें

अमेठी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिए जा रहे बयानों और विपक्षी नेताओं को सनातन विरोधी बताए जाने वाले पोस्टरों पर सियासी घमासान तेज हो गया है। इसी बीच यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनावी चुनौती देने के मामले में चंद्रशेखर आजाद को नसीहत देते हुए कहा कि योगी जी के बारे में बोलने से पहले उन्हें उतना बूता हासिल कर लेना चाहिए। वहीं, लखनऊ में विजयदशमी के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सनातन विरोधी बताने वाले पोस्टरों पर भी अपर्णा यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सनातन विरोधी कौन है और कौन नहीं, यह जनता अच्छी तरह जानती है। अपर्णा यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है।

 चंद्रशेखर आजाद की चुनौती पर क्या बोलीं अपर्णा यादव?

दरअसल, बीजेपी नेता अपर्णा यादव अमेठी पहुंची थीं, जहां उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे चंद्रशेखर आजाद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी गई चुनावी चुनौती को लेकर सवाल किया। इस पर अपर्णा यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में बोलने से पहले चंद्रशेखर आजाद को उतना बूता हासिल करना चाहिए। उन्होंने इस तरह की टिप्पणी को घटिया बताते हुए कहा कि किसी भी नेता को मुख्यमंत्री के बारे में इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अपर्णा यादव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ संवैधानिक रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और उनके पद की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके इस बयान को चंद्रशेखर आजाद की चुनौती के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी नेता ने साफ किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहां से चुनाव लड़ेंगे, इसका फैसला कोई दूसरा नेता नहीं, बल्कि उनकी अपनी पार्टी करेगी।

 योगी आदित्यनाथ कहां से लड़ेंगे चुनाव, पार्टी करेगी फैसला

चंद्रशेखर आजाद की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बिजनौर से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने के सवाल पर अपर्णा यादव ने कहा कि चुनाव लड़ना है या नहीं और किस सीट से चुनाव लड़ना है, इसका निर्णय पार्टी करती है। उन्होंने बीजेपी को राष्ट्रवादी पार्टी बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चुनाव लड़ने की जगह का फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। अपर्णा यादव के इस बयान से साफ है कि बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री की संभावित चुनावी सीट को लेकर किसी बाहरी चुनौती को निर्णायक नहीं माना जा रहा है। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद को निशाने पर लेते हुए यह भी कहा कि राजनीतिक नेताओं को अपनी भाषा और बयानों की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। हालांकि, इस पूरे मामले में राजनीतिक चुनौती और उसके जवाब ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर दूसरे नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में रह सकती हैं।

 अखिलेश यादव और राहुल गांधी के पोस्टर पर भी दिया बयान

अमेठी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपर्णा यादव से लखनऊ में विजयदशमी के अवसर पर लगाए गए उन पोस्टरों को लेकर भी सवाल किया गया, जिनमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीरों के साथ उन्हें सनातन विरोधी बताया गया था। इस सवाल पर अपर्णा यादव ने कहा कि राजनीति में सभ्य तरीके से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन विरोधी कौन है और कौन नहीं, यह जनता जानती है। उनके इस बयान को पोस्टर विवाद पर उनकी प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने पोस्टर लगाने वालों के संबंध में कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। यह मामला ऐसे समय चर्चा में आया है, जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक मुद्दों और राजनीतिक विचारधाराओं को लेकर सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है। अखिलेश यादव और राहुल गांधी को लेकर लगाए गए पोस्टरों ने भी राजनीतिक बहस को हवा दी है।

 अखिलेश यादव के सवाल पर जवाब देने से बचीं अपर्णा

बातचीत के दौरान जब पत्रकारों ने अपर्णा यादव से अयोध्या में अखिलेश यादव के बयान को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की, तो वह इस पर प्रतिक्रिया देने से बचती नजर आईं। उन्होंने पत्रकार को सवाल पूरा करने से पहले ही रोकते हुए कहा, "क्या आप मुझे अखिलेश जी के अलावा कुछ और सवाल कर सकते हैं?" उनके इस जवाब के बाद अखिलेश यादव के बयान को लेकर उनकी प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी। अपर्णा यादव की यह टिप्पणी भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। एक तरफ उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की चुनौती पर कड़ा रुख अपनाया, तो दूसरी तरफ सनातन विरोधी पोस्टरों के सवाल पर जनता की राय का हवाला दिया। वहीं, अखिलेश यादव के बयान पर सीधे जवाब देने से बचने के उनके अंदाज ने बातचीत को और चर्चा में ला दिया।

 यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज

अपर्णा यादव के ताजा बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी, समाजवादी पार्टी और आजाद समाज पार्टी के बीच जारी राजनीतिक टकराव एक बार फिर सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनावी चुनौती देने के मुद्दे पर अपर्णा यादव ने चंद्रशेखर आजाद को नसीहत दी, जबकि अखिलेश यादव और राहुल गांधी को सनातन विरोधी बताने वाले पोस्टरों पर उन्होंने जनता को निर्णायक बताया। इन बयानों से साफ है कि प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब देखना होगा कि चंद्रशेखर आजाद, अखिलेश यादव और कांग्रेस की ओर से अपर्णा यादव के इन बयानों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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