कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रंका की रिहाई को लेकर विवाद है। पार्टी की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने जमानत सुनवाई में देरी और जमानतदारों को खारिज किए जाने पर सवाल उठाए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रंका की रिहाई को लेकर विवाद गहरा गया है। दोनों को अब तक जमानत नहीं मिली है। CJP की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने इस पर दिल्ली पुलिस के प्रति नाराजगी जताई है।
क्या है मामला
रिपोर्टों के मुताबिक सौरव दास और आशुतोष रंका को जंतर-मंतर के बंद गेट फांदकर अंदर जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जंतर-मंतर को अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया है। 14 अक्टूबर को दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
सुनवाई में देरी का आरोप
रत्ना सिंह का कहना है कि जमानत पर सुनवाई दोपहर 12 बजे होनी थी और वह सुबह 11 बजे से थाने में मौजूद थीं, लेकिन स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) का काम देख रहे सहायक पुलिस आयुक्त शाम तक नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि चार जमानतदारों को अस्पष्ट कारणों से खारिज कर दिया गया और इसे शक्ति का दुरुपयोग बताया।
पुलिस ने दर्ज की NCR
वहीं दिल्ली पुलिस ने जमानत सुनवाई से जुड़े मामले में एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को कथित तौर पर धमकी दिए जाने को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज की है। CJP ने कहा है कि उसने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से सलाह ली है और दोनों की रिहाई न होने पर कानूनी कार्रवाई करेगी।
मुख्य बातें
- CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रंका को अब तक जमानत नहीं।
- रत्ना सिंह का आरोप: सुनवाई में देरी, चार जमानतदार खारिज।
- मजिस्ट्रेट को धमकी के आरोप में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ NCR दर्ज की।
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