सांसद रवि किशन से बारिश के मुद्दे पर हुई थी तीखी बहस; सहजनवां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताने की चर्चा, सपा में शामिल होने को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि जरूरी
गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गोरखपुर की राजनीति में एक नए घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के समाजवादी पार्टी में वापसी करने की अटकलें लगाई जा रही हैं। खबरों के मुताबिक, उन्होंने लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है और सहजनवां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा भी जताई है। हालांकि, सपा में उनकी औपचारिक सदस्यता और टिकट को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि सामने आना जरूरी है।
बारिश के मुद्दे पर सांसद रवि किशन से हुई थी बहस
बीते महीने गोरखपुर में भारी बारिश के बाद कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसी मुद्दे पर बीजेपी पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी और गोरखपुर के सांसद रवि किशन के बीच फोन पर बातचीत के दौरान नोकझोंक हुई थी। इस बहस ने स्थानीय राजनीति में काफी चर्चा बटोरी थी।
बताया गया था कि बातचीत के दौरान रवि किशन ने विश्वजीत त्रिपाठी से सवाल किया था, **“सपा ज्वाइन कई लेहला का?”** यानी क्या उन्होंने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली है? उस समय यह टिप्पणी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी थी। अब पार्षद की अखिलेश यादव से मुलाकात की खबरों के बाद उस घटनाक्रम को फिर से याद किया जा रहा है।
विनोद तावड़े से मुलाकात के बजाय अखिलेश यादव से मिले
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीजेपी के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय मंत्री विनोद तावड़े ने विश्वजीत त्रिपाठी से मुलाकात का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस घटनाक्रम के बाद उनके सपा में लौटने की अटकलें और तेज हो गई हैं।
यदि विश्वजीत त्रिपाठी औपचारिक रूप से सपा में शामिल होते हैं, तो यह गोरखपुर की स्थानीय राजनीति के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकता है। हालांकि, मुलाकात के आधार पर पार्टी बदलने या चुनावी टिकट तय होने की पुष्टि नहीं मानी जा सकती।
सहजनवां सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताने की चर्चा
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि विश्वजीत त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के सामने सहजनवां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। यह भी कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव की ओर से उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला है। लेकिन सपा की तरफ से टिकट या उम्मीदवारी को लेकर आधिकारिक घोषणा होने तक इसे संभावित राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
क्या विश्वजीत त्रिपाठी करेंगे ‘घर वापसी’?
विश्वजीत त्रिपाठी की संभावित सपा में वापसी को राजनीतिक गलियारों में ‘घर वापसी’ कहा जा रहा है। फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि क्या वह वास्तव में सपा की सदस्यता लेते हैं और क्या सहजनवां सीट से चुनाव लड़ने का उनका दावा आगे बढ़ता है।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की मुलाकातों और दल बदलने की अटकलों के बीच गोरखपुर का यह घटनाक्रम चर्चा में है। अब सभी की नजर विश्वजीत त्रिपाठी और समाजवादी पार्टी की ओर से आने वाले आधिकारिक बयान पर रहेगी।