Crude Oil Price: कच्चा तेल 114 डॉलर के पार, हफ्तेभर में 8% उछाल; क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? पेट्रोल-डीजल पर महंगाई का खतरा! सऊदी अरब में तनाव से बढ़े तेल के दाम, जानें आपके शहर का रेट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर करीब 114.47 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। एक सप्ताह के दौरान कीमतों में लगभग 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी प्रमुख वजह सऊदी अरब में हूती हमलों के बाद तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बताया जा रहा है।
The Economic Times
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हालांकि, कच्चे तेल के महंगे होने का मतलब यह नहीं है कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत बढ़ जाएंगी। तेल कंपनियों और सरकार के फैसलों के साथ रुपये की विनिमय दर और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों का रुख भी घरेलू ईंधन दरों को प्रभावित करता है।
क्या आज से महंगा हो गया पेट्रोल-डीजल?
फिलहाल कच्चे तेल में तेजी के बावजूद 23 अक्टूबर को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के खुदरा दाम में बदलाव नहीं हुआ। यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद वाहन चालकों को तत्काल कोई नया मूल्यवृद्धि झटका नहीं लगा है।
HDFC Sky
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव
शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
दिल्ली 102.12 95.20
मुंबई 111.21 97.83
कोलकाता 113.51 99.82
चेन्नई 107.76 99.55
लखनऊ 101.86 —
23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित दरों के अनुसार। लखनऊ के डीजल का भाव उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दिया गया है। स्थानीय पंप पर दर अलग हो सकती है।
HDFC Sky
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कच्चे तेल की कीमत क्यों बढ़ रही है?
कच्चे तेल में तेजी के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता है।
- सऊदी अरब में तनाव: हूती हमलों के बाद तेल उत्पादन और आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ी है।
- महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर खतरा: बाब-अल-मंदेब जैसे रास्तों पर सुरक्षा जोखिम बढ़ने से तेल की ढुलाई प्रभावित हो सकती है।
- लीबिया में उत्पादन पर असर: तेल क्षेत्र में तकनीकी समस्या के चलते उत्पादन घटने की खबर भी बाजार की चिंता बढ़ा रही है।
Reuters
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भारत पर क्या पड़ेगा असर?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में लंबे समय तक तेल महंगा रहने पर देश का आयात बिल बढ़ सकता है। रुपये पर दबाव, महंगाई और पेट्रोलियम कंपनियों के मुनाफे पर भी असर पड़ सकता है।
The Financial Express
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अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी जारी रहती है, तो घरेलू ईंधन कीमतों को लेकर आगे भी चर्चा बनी रह सकती है। लेकिन पेट्रोल-डीजल कब और कितने महंगे होंगे, यह अभी तय नहीं है। फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी की कोई निश्चित घोषणा नहीं हुई है।