उत्तराखंड के टिहरी में कुंजापुरी मेले के दौरान दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद पर अभिनेता राजपाल यादव ने सिंगर का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कला को पैसों से नहीं खरीदा जा सकता और कलाकार का सम्मान किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद दलेर मेहंदी के समर्थन में मनोरंजन जगत की आवाजें और तेज हो गई हैं।
नई दिल्ली। मशहूर पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी इन दिनों उत्तराखंड के टिहरी में आयोजित कुंजापुरी मेले के दौरान हुए विवाद को लेकर चर्चा में हैं। लाइव परफॉर्मेंस के दौरान उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा कथित तौर पर शराब के सेवन को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। अब इस विवाद में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने भी दलेर मेहंदी का समर्थन किया है। राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते हैं और वह उनके साथ फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में काम कर चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिंगर की तबीयत इन दिनों ठीक नहीं चल रही है। इसके साथ ही राजपाल यादव ने मंत्री सुबोध उनियाल के मंच पर व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कला और कलाकारों के सम्मान की नसीहत दी। इससे पहले सिंगर मीका सिंह और अभिनेता अनुपम खेर भी दलेर मेहंदी के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं। इस घटनाक्रम के बाद विवाद में मनोरंजन जगत की कई हस्तियों की प्रतिक्रियाएं जुड़ गई हैं।
राजपाल यादव ने दलेर मेहंदी के समर्थन में क्या कहा?
अभिनेता राजपाल यादव ने बुधवार, 21 अक्टूबर को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर दलेर मेहंदी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वह सिंगर के साथ फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में काम कर चुके हैं और उनके व्यक्तिगत अनुभव के मुताबिक दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते हैं। राजपाल ने यह भी कहा कि सिंगर की तबीयत इन दिनों खराब चल रही है और लोग उन्हें बेहतर महसूस कराने की कोशिश कर रहे हैं। उनके इस बयान को कुंजापुरी मेले में हुए विवाद के बाद दलेर मेहंदी के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, लाइव परफॉर्मेंस के दौरान हुई घटना के बाद सिंगर के कथित शराब सेवन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। ऐसे में राजपाल यादव ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए उनका बचाव किया और कलाकार के साथ सम्मानजनक व्यवहार किए जाने की बात कही। हालांकि, शराब सेवन को लेकर उठे सवालों के संबंध में राजपाल का बयान उनका व्यक्तिगत पक्ष है।
उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल पर साधा निशाना
दलेर मेहंदी का समर्थन करने के साथ ही राजपाल यादव ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कला और कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। मंत्री को संबोधित करते हुए राजपाल यादव ने कहा, **"ऐसा लग रहा है आपने कला को ही खरीद लिया हो। कला कभी भी खरीदी नहीं जा सकती। कला एक जीवन है। जीवन का सम्मान करिए।"** उनके इस बयान के बाद कुंजापुरी मेले में हुई घटना को लेकर विवाद और चर्चा में आ गया है। राजपाल यादव का कहना है कि कला का अपना महत्व है और कलाकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उनके बयान का केंद्र मंच पर कलाकार के साथ किए जाने वाले व्यवहार और कला के सम्मान का मुद्दा रहा। इस मामले में राजपाल की प्रतिक्रिया के बाद मनोरंजन जगत से सामने आ रही प्रतिक्रियाओं का सिलसिला भी चर्चा का विषय बन गया है।
मीका सिंह और अनुपम खेर भी कर चुके हैं दलेर मेहंदी का समर्थन
दलेर मेहंदी के समर्थन में उनके भाई और गायक मीका सिंह भी सामने आए हैं। उन्होंने सिंगर को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी और उनके स्वास्थ्य का जिक्र किया। मीका सिंह ने सवाल उठाया कि क्या किसी ने पिछले 30 वर्षों में दलेर मेहंदी को शराब पीते देखा है। उन्होंने अपने भाई के समर्थन में कहा कि यदि ऐसा साबित हो जाए तो वह गायकी छोड़ने तक को तैयार हैं। मीका सिंह की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा। वहीं, अभिनेता अनुपम खेर ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में अपनी बात रखी। अब राजपाल यादव के बयान ने इस विवाद में एक और फिल्मी हस्ती को जोड़ दिया है। हालांकि, अलग-अलग कलाकारों की प्रतिक्रियाएं उनके व्यक्तिगत अनुभव और विचारों पर आधारित हैं। विवाद के मूल घटनाक्रम और उससे जुड़े सवालों पर संबंधित पक्षों के बयानों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
मंत्री सुबोध उनियाल ने भी रखी अपनी बात
इस विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। *द इंडियन एक्सप्रेस* से बातचीत में मंत्री ने कहा कि यदि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था। उन्होंने यह भी बताया कि कई लोगों ने उन्हें फोन कर इस मामले में स्पष्टीकरण देने का अनुरोध किया था। मंत्री के मुताबिक, उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया कि सिंगर दवा ले रहे थे या नहीं। सुबोध उनियाल ने कहा कि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उनके इस बयान के बाद विवाद में कलाकार की तबीयत और कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, मंत्री की प्रतिक्रिया और कलाकारों के समर्थन में दिए गए बयानों के बीच घटना को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं।
कुंजापुरी मेले का विवाद अब कला और कलाकारों के सम्मान तक पहुंचा
टिहरी के कुंजापुरी मेले में लाइव परफॉर्मेंस के दौरान शुरू हुआ यह विवाद अब केवल दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुई कथित बातचीत तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें कलाकार के स्वास्थ्य, शराब सेवन को लेकर उठे सवाल और सार्वजनिक मंच पर व्यवहार जैसे मुद्दे भी शामिल हो गए हैं। एक ओर राजपाल यादव, मीका सिंह और अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी के समर्थन में अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं, वहीं मंत्री सुबोध उनियाल ने भी अपनी बात रखी है। राजपाल यादव ने अपने बयान में विशेष रूप से कला और कलाकारों के सम्मान पर जोर दिया। अब इस पूरे मामले में संबंधित पक्षों के बयानों और घटना के संदर्भ को लेकर चर्चा जारी है। यह विवाद एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों और आयोजकों के बीच संवाद किस तरह होना चाहिए, ताकि किसी भी मुद्दे पर बातचीत सम्मानजनक तरीके से की जा सके।