टाइगर श्रॉफ के घर के बाहर फायरिंग मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी रणदीप मलिक के जरिए जुड़े थे और उन्होंने कथित तौर पर अभिनेताओं के घरों की तस्वीरें भी भेजी थीं।
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को साजिश से जुड़े कई अहम सुराग मिलने का दावा किया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में आरोपी रणदीप मलिक ने रेहान का संपर्क अनिल पंडित से करवाया था। वहीं, आरोपी कुणाल भी रणदीप मलिक के माध्यम से अनिल पंडित के संपर्क में आया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस मामले में कथित तौर पर रेकी करने, हथियारों की व्यवस्था करने और वारदात के बाद आरोपियों को फरार कराने की योजना जैसे कई पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि फायरिंग की घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने अभिनेता से जुड़ी जगहों की जानकारी जुटाई थी। जांच में सामने आए इन कथित तथ्यों के आधार पर पुलिस साजिश में शामिल लोगों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
अभिनेताओं के घरों और लोकेशन की तस्वीरें भेजने का दावा
जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में रेकी करने वाले आरोपियों ने अनिल पंडित और रणदीप मलिक को अभिनेताओं से जुड़ी कुछ जगहों की तस्वीरें भेजी थीं। इन तस्वीरों में टाइगर श्रॉफ का फुटबॉल ग्राउंड और जुहू तथा बांद्रा की कई लोकेशन शामिल होने की बात सामने आई है।
पुलिस इन तस्वीरों और संबंधित लोकेशन की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने किन जगहों की निगरानी की थी और इस जानकारी का इस्तेमाल कथित साजिश में किस तरह किया गया। जांचकर्ताओं के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि रेकी के दौरान कौन-कौन लोग शामिल थे और उन्हें जानकारी जुटाने के निर्देश कहां से मिल रहे थे।
हालांकि, इन जानकारियों को पुलिस जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया गया है। मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
आरे कॉलोनी में हथियारों की प्रैक्टिस का दिया गया था सुझाव
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग से पहले हथियारों की प्रैक्टिस करने और उनकी जांच करने के लिए आरोपी ऋतिक ने आरे कॉलोनी के जंगलों का सुझाव दिया था। बताया गया है कि मुंबई में लंबे समय तक रैपिडो चालक के रूप में काम करने के कारण ऋतिक को इस इलाके की भौगोलिक स्थिति की जानकारी थी।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियारों को कहां रखा गया था, उनकी व्यवस्था किसने की और कथित तौर पर प्रैक्टिस की योजना पर कितना अमल हुआ। पुलिस के लिए हथियारों की बरामदगी और उनके स्रोत का पता लगाना भी अहम है।
इस मामले में जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि कथित हमले की तैयारी किस स्तर पर की गई थी और अलग-अलग आरोपियों के बीच जिम्मेदारियां कैसे बांटी गई थीं।
हरियाणा से गिरफ्तार तीन आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में हरियाणा से गिरफ्तार तीन आरोपियों को मुंबई की एक अदालत ने 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित उर्फ सरपंच राजेश खटक (18), समीर खत्री (19) और जतिन पांचाल (27) के रूप में बताई गई है। तीनों को 21 अक्टूबर को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया।
पुलिस ने तीनों को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डी.एस. खेडकर के समक्ष पेश किया और विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत मांगी। जांचकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि आरोपियों की भूमिका कथित तौर पर रेकी करने, साजो-सामान जुटाने, धन के लेनदेन और हथियारों की खरीद से जुड़ी रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ के जरिए वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों और कारतूसों की बरामदगी के साथ-साथ उनके आपसी संपर्कों और कथित साजिश के अन्य पहलुओं का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पोस्ट में ली थी जिम्मेदारी
पुलिस के मुताबिक, जांच में अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। उसे मामले में वांछित मुख्य आरोपियों में शामिल बताया गया है। पुलिस का दावा है कि अंकित उर्फ सरपंच राजेश खटक मुख्य हमलावरों के साथ लक्षित व्यक्ति के ठिकानों की रेकी करने और कथित साजिश में मदद करने गया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, खटक अनिल पंडित के सीधे संपर्क में था।
पुलिस ने बताया कि अमेरिका में रह रहे 32 वर्षीय अनिल पंडित ने 18 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। पुलिस उसे कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा हुआ बता रही है। इन संबंधों और सोशल मीडिया पोस्ट की भूमिका की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पहले पकड़े गए लोगों के साथ मिलकर टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों और ठिकानों पर नजर रखी थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि वारदात में इस्तेमाल किए गए कारतूस और आग्नेयास्त्र समीर खत्री तथा जतिन पांचाल ने उपलब्ध कराए थे। इसके अलावा, आरोपियों को फरार होने में मदद देने के लिए मोटरसाइकिल की व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई है।
वारदात के बाद सबूत मिटाने और विदेश भागने की योजना का आरोप
जांचकर्ताओं ने अदालत में कहा कि फायरिंग के बाद कथित तौर पर सबूत नष्ट करने और आरोपियों के विदेश भागने की व्यवस्था करने की योजना बनाई गई थी। पुलिस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाना चाहती है कि मुंबई में हथियार लाने और उनकी कथित तस्करी में किन लोगों ने मदद की। हथियारों को किन रास्तों और वाहनों के जरिए लाया गया, स्थानीय स्तर पर किसने सहायता दी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
पुलिस ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार आरोपी हरियाणा और अन्य राज्यों से जुड़े हैं। ऐसे में जांच के सिलसिले में संबंधित राज्यों में भी जाना पड़ सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों का किसी अन्य संगठित अपराध गिरोह से संबंध है। फिलहाल, ये सभी पुलिस के आरोप और जांच के विषय हैं; आरोपियों की दोषसिद्धि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।
18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग
यह घटना 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कम से कम दो हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाईं और फिर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। अभिनेता इस हमले में बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई थी।
मुंबई पुलिस के अनुसार, कार पर पांच से छह गोलियां चलाई गई थीं। हमलावरों द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बाद में अंधेरी इलाके में लावारिस हालत में मिली थी। पुलिस ने इसके बाद मामले की जांच तेज की और अलग-अलग स्थानों से संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
अब तक दस गिरफ्तारियां, साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
मामले में अब तक दस लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर कथित रेकी, हथियारों की आपूर्ति, पैसों के लेनदेन और फरार होने की योजना से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी, हथियार कहां से आए और वारदात के पीछे शामिल लोगों का नेटवर्क कितना बड़ा है। आने वाले दिनों में पुलिस पूछताछ और बरामदगी से इस मामले में और जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।