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ट्रंप की नई प्रेस सचिव केटी ज़कारिया की 5 दिन में छुट्टी? पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उठे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई प्रेस सचिव केटी ज़कारिया को पद संभालने के महज पांच दिन बाद ही अपना पद छोड़ना पड़ा। 13 अक्टूबर को हुई उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस करीब 14 मिनट चली, जिसमें उन्होंने केवल तीन मीडिया संस्थानों के सवाल लिए।

Pawan Kumar
Pawan Kumar

4 मिनट luckhnow

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ट्रंप की नई प्रेस सचिव केटी ज़कारिया की 5 दिन में छुट्टी? पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उठे सवाल

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में पद से हटाए जाने की चर्चा, ट्रंप ने नौकरी पर दोबारा विचार करने की दी थी सलाह; कानूनी योग्यता को लेकर भी विवाद

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में नई प्रेस सचिव केटी ज़कारिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पद संभालने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें हटाए जाने की चर्चा शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि उनका कार्यकाल करीब पांच दिन का रहा। उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद काम करने के तरीके और कानूनी योग्यता को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि, पद से हटाए जाने और उनकी अगली भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि के बिना इन खबरों को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।

रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उन्होंने केटी को नौकरी के बारे में दोबारा सोचने की सलाह दी थी। ट्रंप का कहना था कि मीडिया में उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्हें इस तरह के दबाव से गुजरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि केटी उनके साथ किसी दूसरी भूमिका में काम कर सकती हैं।

 पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद क्यों उठे सवाल?

केटी ज़कारिया ने 13 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। यह कार्यक्रम करीब 15 मिनट चला। इस दौरान उन्होंने कुछ पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और कई मौकों पर लिखे हुए नोट्स का सहारा लिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अमेरिकी मीडिया में उनके प्रदर्शन को लेकर चर्चा शुरू हो गई। आलोचकों ने उनके जवाब देने के तरीके और मीडिया के सवालों से निपटने की शैली पर सवाल उठाए। इसके बाद उनके पद पर बने रहने को लेकर अटकलें तेज हो गईं।

हालांकि, किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नोट्स का इस्तेमाल करना अपने आप में किसी अधिकारी को पद से हटाने का प्रमाण नहीं है। केटी के मामले में आलोचना और उनके पद को लेकर सामने आई खबरों के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि भी जरूरी है।

 कानूनी योग्यता को लेकर भी विवाद

केटी ज़कारिया की कानूनी योग्यता भी चर्चा का विषय बनी। बताया जाता है कि वह लंबे समय से खुद को वकील बताती रही हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी उनकी नियुक्ति की घोषणा करते समय उन्हें वकील के रूप में पेश किया था।

स्वतंत्र समाचार वेबसाइट ‘पॉपुलर इन्फॉर्मेशन’ की जांच का हवाला देते हुए रिपोर्टों में कहा गया कि अमेरिका के किसी राज्य में उनके वकालत करने के लाइसेंस का सार्वजनिक प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद उनकी पेशेवर योग्यता को लेकर सवाल उठने लगे।

केटी ने अपनी योग्यता पर सवाल उठने के बाद कहा था कि उन्होंने जरूरी योग्यताओं के साथ अंतरराष्ट्रीय लेन-देन कानून के क्षेत्र में काम किया है। उनकी शिक्षा से जुड़े उपलब्ध विवरणों के अनुसार, उन्होंने पेपरडाइन यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री और पेपरडाइन स्कूल ऑफ लॉ से कानून की डिग्री हासिल की थी।

यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि कानून की डिग्री प्राप्त करना और अमेरिका के किसी राज्य में वकालत करने का लाइसेंस हासिल करना अलग-अलग बातें हैं। किसी व्यक्ति की कानूनी शिक्षा अपने आप में उसके पास सक्रिय वकालत लाइसेंस होने का प्रमाण नहीं होती।

 ट्रंप ने दूसरी भूमिका में काम करने का दिया संकेत

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने केटी को नौकरी के दबाव और लगातार हो रही आलोचना पर विचार करने की सलाह दी थी। उन्होंने संकेत दिया कि केटी उनके साथ किसी अन्य भूमिका में काम कर सकती हैं। इससे उनके प्रशासन में भविष्य की जिम्मेदारी को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि केटी को औपचारिक रूप से पद से हटाया गया है या उन्होंने खुद पद छोड़ने का फैसला किया है। उनकी आगे की भूमिका के बारे में भी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

 आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति

केटी ज़कारिया का मामला व्हाइट हाउस की प्रेस टीम में नियुक्तियों, मीडिया के साथ संवाद और अधिकारियों की पेशेवर योग्यताओं को लेकर चर्चा में है। पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हुई आलोचना और वकालत के लाइसेंस को लेकर उठे सवालों ने इस विवाद को और बढ़ाया है।

फिलहाल, उनके पद से हटाए जाने, कार्यकाल की अवधि और नई जिम्मेदारी को लेकर सामने आई जानकारी को मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक घोषणाओं के बीच अंतर रखते हुए देखना जरूरी है। व्हाइट हाउस की ओर से स्पष्ट पुष्टि होने के बाद ही उनकी नियुक्ति और भविष्य की भूमिका को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।

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