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अंकिता भंडारी की मां का छलका दर्द: दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फफक-फफक कर रोईं सोनी देवी,

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनकी मां सोनी देवी भावुक होकर फफक-फफक कर रो पड़ीं। उन्होंने दर्द बयां करते हुए सवाल किया कि आखिर बेटी के लिए न्याय मांगने वे कहां जाएं।

Pawan Kumar
Pawan Kumar

2 मिनट नई दिल्ली

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अंकिता भंडारी की मां का छलका दर्द: दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फफक-फफक कर रोईं सोनी देवी,


नई दिल्ली: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर इंसाफ की आस टूटती नजर आ रही है। राजधानी दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाईं और फफक-फफक कर रो पड़ीं। बेटी को खोने का गम और बरसों से न्याय के लिए भटक रहे परिवार की लाचारी ने वहां मौजूद हर शख्स को झकझोर कर रख दिया।

"आखिर हम न्याय के लिए कहां जाएं?"

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता की मां ने दर्द भरे शब्दों में कहा, "हम न्याय के लिए कहां जाएं? हमेशा मुझे मेरी बेटी दिखाई देती है। मैं कैसे जीती हूं, यह मुझे ही पता है। मुझे कहीं से न्याय नहीं मिल रहा... आप ही बताइए, हम कहां जाएं? आखिर मेरी बेटी का क्या कसूर था?"
माता-पिता का आरोप है कि एक मां ने अपने जिगर का टुकड़ा खो दिया है, लेकिन सिस्टम और व्यवस्था की बेरुखी ने मानो अपनी आत्मा ही खो दी है। मामले में तमाम गंभीर सवालों और सुरागों के बावजूद आज तक मुख्य चेहरों और कथित 'VIP' कनेक्शन पर से पर्दा न उठना सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।

विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक सरगर्मी

अंकिता भंडारी के माता-पिता पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर लगातार मुखर हैं। हाल ही में राजनीतिक नियुक्तियों और इस प्रकरण से जुड़े कुछ नए विवादों के विरोध में परिवार ने इंडिया गेट के बाहर भी प्रदर्शन किया था। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनके संघर्ष को समर्थन दिया।
परिवार और समर्थकों का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी से जुड़े होने के कारण कई मामलों में जांच की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देने वाले तंत्र में आज एक मां को सालों-साल बीत जाने के बाद भी अपनी बेटी के लिए सड़कों पर इंसाफ की भीख मांगनी पड़ रही है।

परिवार की मुख्य मांगें

प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पीड़ित परिवार और उनके साथ खड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर पुरजोर मांग उठाई है कि:
1 .  अंकिता हत्याकांड से जुड़े हर अनछुए पहलू और कथित 'VIP' भूमिका की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो।
2 .  मामले की जांच सीबीआई द्वारा सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए ताकि सच पूरी तरह सामने आ सके।
बरसों बाद भी न्याय की आस में बैठी अंकिता की मां के आंसू इस बात की गवाही दे रहे हैं कि सिस्टम की फाइलों में कैद इंसाफ अब भी एक लाचार परिवार का इंतजार कर रहा है।

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