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छोटे दुकानदारों के लिए बड़ी राहत! 1 नवंबर से आसान होगा GST रजिस्ट्रेशन, जानें किसे मिलेगा फायदा

छोटे दुकानदारों को GST में बड़ी राहत! 1 नवंबर से बदलेंगे नियम, दूसरे राज्यों में कारोबार करना होगा आसान GST Registration New Rules: अब हर राज्य में दुकान खोलने की जरूरत नहीं? जानें 1 नवंबर से क्या बदलेगा

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• वीडियो एडिटर, Lucknow

3 मिनट बड़ी खबर

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छोटे दुकानदारों के लिए बड़ी राहत! 1 नवंबर से आसान होगा GST रजिस्ट्रेशन, जानें किसे मिलेगा फायदा

छोटे कारोबारियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सामान बेचने वाले दुकानदारों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार 1 नवंबर 2026 से GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी में है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन छोटे विक्रेताओं को मिल सकता है, जो Amazon, Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से दूसरे राज्यों में भी अपना सामान बेचना चाहते हैं, लेकिन हर राज्य में अलग से दुकान या कार्यालय रखने की जरूरत के कारण परेशानी का सामना करते हैं।

Business Standard
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सरकार की इस पहल का उद्देश्य रजिस्ट्रेशन में लगने वाले समय और कागजी कार्रवाई को कम करना, कारोबारियों के लिए नियमों को स्पष्ट बनाना और छोटे विक्रेताओं को देशभर के बाजार तक पहुंचने में मदद देना है। ये बदलाव GST परिषद की अक्टूबर में हुई 57वीं बैठक में सुझाए गए सुधारों का हिस्सा हैं।

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किन दुकानदारों को मिलेगा फायदा?
नई व्यवस्था खास तौर पर उन छोटे कारोबारियों के लिए है, जो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए दूसरे राज्यों में सामान बेचते हैं। इसके तहत पात्र विक्रेता संबंधित राज्य में ई-कॉमर्स कंपनी के गोदाम को अपने कारोबार के मुख्य स्थान यानी Principal Place of Business के रूप में घोषित कर सकेंगे। इससे हर राज्य में अपना अलग कार्यालय या दुकान स्थापित करने की जरूरत कम होगी।

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इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:
- विक्रेता के पास कम से कम एक राज्य में पहले से नियमित GST रजिस्ट्रेशन और कारोबार का वास्तविक स्थान होना चाहिए।
- दूसरे राज्य में बिक्री के लिए ई-कॉमर्स ऑपरेटर की सहमति जरूरी होगी।
- संबंधित पंजीकरण का इस्तेमाल केवल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए सामान बेचने के लिए किया जा सकेगा।
- पंजीकृत खरीदारों को की जाने वाली संबंधित आपूर्ति पर मासिक आउटपुट टैक्स देनदारी ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- निर्धारित आधार प्रमाणीकरण और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

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GST रजिस्ट्रेशन के अलावा भी होंगे बदलाव
सरकार केवल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि रिफंड और टैक्स अनुपालन को भी आसान बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। प्रस्तावित बदलावों में इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में मौजूद अतिरिक्त राशि के रिफंड को स्वचालित बनाना और रिफंड आवेदन पर शुरुआती जवाब या कमी संबंधी सूचना देने की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करना शामिल है। कुछ पात्र निर्यात और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले रिफंड मामलों में जोखिम आधारित प्रणाली के तहत 90 प्रतिशत तक अंतरिम रिफंड देने का भी प्रावधान प्रस्तावित है।

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इन बदलावों का उद्देश्य छोटे कारोबारियों की कार्यशील पूंजी को लंबे समय तक अटकने से बचाना और टैक्स संबंधी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी कम करना है।
क्या हर छोटे दुकानदार को नया GST रजिस्ट्रेशन लेना होगा?
नहीं। यह सुविधा मुख्य रूप से पात्र छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए है, जो दूसरे राज्यों में भी ऑनलाइन बिक्री करना चाहते हैं। सामान्य दुकान चलाने वाले हर छोटे व्यापारी पर यह नई व्यवस्था अपने आप लागू नहीं होगी। कारोबारियों को आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और लागू शर्तें जांचनी चाहिए।

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कुल मिलाकर, 1 नवंबर 2026 से प्रस्तावित यह बदलाव छोटे ऑनलाइन विक्रेताओं के लिए दूसरे राज्यों में कारोबार बढ़ाने की प्रक्रिया आसान बना सकता है। इससे उन्हें हर राज्य में अलग कारोबारी परिसर बनाने की लागत और अनुपालन संबंधी परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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