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रक्षा मंत्रालय ने ₹4,106 करोड़ के सौदे किए: वायुसेना को GSAT-7C सैटेलाइट, नौसेना को वरुणास्त्र टॉरपीडो

रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए GSAT-7C संचार उपग्रह और नौसेना के लिए वरुणास्त्र हैवीवेट टॉरपीडो के कुल ₹4,106 करोड़ के दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।

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• संपादकीय डेस्क

1 मिनट नई दिल्ली

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रक्षा मंत्रालय ने ₹4,106 करोड़ के सौदे किए: वायुसेना को GSAT-7C सैटेलाइट, नौसेना को वरुणास्त्र टॉरपीडो
प्रतीकात्मक फोटो: वरुणास्त्र टॉरपीडो। Indian Navy / Wikimedia Commons (GODL-India)

रक्षा मंत्रालय ने 15 अक्टूबर को नई दिल्ली में कुल करीब ₹4,106 करोड़ के दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। इनमें भारतीय वायुसेना के लिए एक संचार उपग्रह और भारतीय नौसेना के लिए हैवीवेट टॉरपीडो शामिल हैं।

वायुसेना के लिए GSAT-7C

बड़ा अनुबंध ₹2,563 करोड़ का है, जो बेंगलुरु की न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के साथ GSAT-7C संचार उपग्रह के लिए किया गया। मंत्रालय के मुताबिक यह उपग्रह भारत में ही डिजाइन और तैयार किया जाएगा और इससे वायुसेना के साधनों के बीच सुरक्षित संचार में मदद मिलेगी।

नौसेना के लिए वरुणास्त्र

दूसरा अनुबंध ₹1,543 करोड़ का है, जो हैदराबाद की भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) के साथ वरुणास्त्र हैवीवेट टॉरपीडो के लिए हुआ। वरुणास्त्र जहाज से दागा जाने वाला स्वदेशी पनडुब्बी-रोधी टॉरपीडो है, जिसे नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (NSTL) ने विकसित किया है।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

अनुबंधों पर हस्ताक्षर रक्षा विभाग में अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अनबरसु की मौजूदगी में हुए। मंत्रालय ने दोनों सौदों को आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया से जोड़ा है। उपग्रह और टॉरपीडो की आपूर्ति आगे के चरणों में होगी।

मुख्य बातें

  • कुल सौदा: करीब ₹4,106 करोड़।
  • GSAT-7C उपग्रह: ₹2,563 करोड़, NSIL बेंगलुरु।
  • वरुणास्त्र टॉरपीडो: ₹1,543 करोड़, BDL हैदराबाद।
  • दोनों स्वदेशी तकनीक पर आधारित।

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