दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और सुरक्षा प्रतिबंधों का असर खान मार्केट और कनॉट प्लेस के कारोबार पर पड़ रहा है। व्यापारियों का दावा है कि बैरिकेडिंग, रास्तों पर पाबंदियों और ग्राहकों की घटती आवाजाही के कारण बिक्री में भारी गिरावट आई है।
लगातार प्रदर्शन और बैरिकेडिंग से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने का व्यापारियों का दावा; पीएम मोदी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा पत्र, प्रदर्शन के लिए अलग जगह तय करने की मांग
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और बैरिकेडिंग का असर अब प्रमुख व्यावसायिक बाजारों के कारोबार पर भी पड़ने लगा है। खान मार्केट और कनॉट प्लेस के व्यापारियों का कहना है कि विरोध-प्रदर्शनों और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण ग्राहक बाजारों में आने से कतरा रहे हैं। इससे दुकानों की बिक्री प्रभावित हो रही है और कारोबारियों के सामने किराया, कर्मचारियों का वेतन और दूसरे खर्च पूरे करने की चुनौती खड़ी हो रही है।
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने दावा किया है कि बाजार को रोजाना करीब 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी अपनी बात सुने जाने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इसके कारण बाजारों और आम लोगों की आवाजाही पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
खान मार्केट में ग्राहकों की कमी, महंगे किराये ने बढ़ाई चिंता
खान मार्केट एसोसिएशन के मुताबिक, लगातार प्रदर्शनों के कारण ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं। इसका सीधा असर दुकानों की बिक्री पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि बाजार में ग्राहकों की आवाजाही कम होती है, तो दुकानदारों के लिए रोजमर्रा के खर्च पूरे करना भी मुश्किल हो जाता है।
एसोसिएशन ने दावा किया है कि खान मार्केट में कुछ दुकानों का एक दिन का किराया करीब तीन लाख रुपये तक पहुंच जाता है। ऐसे में कारोबार प्रभावित होने के बावजूद किराया और अन्य खर्च जारी रहते हैं। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने से छोटे-बड़े सभी दुकानदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
व्यापारियों ने मांग की है कि उनकी समस्याओं को भी संबंधित अधिकारियों और अदालत के सामने सुना जाए। उनका तर्क है कि प्रदर्शनों के कारण होने वाली असुविधा और आर्थिक नुकसान का आकलन करते समय स्थानीय कारोबारियों की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
कनॉट प्लेस में भी कारोबार प्रभावित होने का दावा
कनॉट प्लेस में भी कारोबारियों ने पिछले कई दिनों से प्रदर्शन और प्रतिबंधों के कारण व्यापार प्रभावित होने की बात कही है। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव के मुताबिक, बीते पांच से सात दिनों में बाजार के कारोबार पर असर पड़ा है।
उनका दावा है कि पहले CJP के प्रदर्शन के दौरान कनॉट प्लेस का कारोबार सामान्य स्तर के लगभग 10 प्रतिशत तक रह गया था। व्यापारियों के मुताबिक, वे उस नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे थे, तभी INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के कारण एक बार फिर बाजार की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई।
कारोबारियों का कहना है कि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर उनके लिए व्यापार के लिहाज से अहम महीने हैं। त्योहारों और साल के अंत में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए दुकानदार पहले ही सामान का स्टॉक कर लेते हैं। लेकिन यदि ग्राहक बाजारों तक नहीं पहुंचते, तो जमा पूंजी फंसने और बिक्री घटने का खतरा बढ़ जाता है।
कनॉट प्लेस में करीब 2,000 दुकानों पर असर की आशंका
व्यापारियों के मुताबिक, कनॉट प्लेस में लगभग 2,000 दुकानें हैं। इनमें करीब 1,300 से 1,400 दुकानें इनर सर्कल, मिडिल सर्कल और आउटर सर्कल में स्थित हैं। इसके अलावा यहां कार्यालय, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं।
पालिका बाजार में लगभग 300 भूमिगत दुकानें होने की बात कही गई है। वहीं, शंकर मार्केट में भी करीब 200 दुकानों का कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में आवाजाही बाधित होने का असर केवल दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि कैफे, कार्यालयों और आसपास के दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी पड़ सकता है।
व्यापारियों ने 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रहने को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि सुरक्षा प्रतिबंधों और प्रदर्शन की आशंका के कारण लोग कनॉट प्लेस आने से बच सकते हैं। इससे कारोबार पर अतिरिक्त असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, नुकसान के इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और ये व्यापारिक संगठनों के दावे हैं।
पीएम मोदी और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा पत्र
खान मार्केट और कनॉट प्लेस के व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त और उपराज्यपाल समेत संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजने की जानकारी दी है।
व्यापारियों की मांग है कि बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए ग्राहकों और दुकानदारों की आवाजाही सामान्य रखने के उपाय किए जाएं। उनका कहना है कि प्रदर्शन के कारण यदि रास्ते बंद होते हैं या लोगों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी होती है, तो इसका सीधा असर बिक्री पर पड़ता है।
कारोबारियों ने सुप्रीम कोर्ट में भी अपनी बात सुने जाने की मांग की है। उनका कहना है कि विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामलों में स्थानीय व्यापारियों और बाजारों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्रदर्शन के लिए अलग स्थान तय करने की मांग
व्यापारियों की प्रमुख मांग है कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि व्यावसायिक इलाकों में बार-बार बैरिकेडिंग और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत कम हो। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ आम नागरिकों की सुविधा, कारोबार और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
खान मार्केट और कनॉट प्लेस दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में शामिल हैं। ऐसे में इन बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से दुकानदारों के साथ-साथ कर्मचारियों और अन्य सेवा प्रदाताओं पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल व्यापारियों की ओर से नुकसान के दावों और मांगों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन, सुरक्षा प्रतिबंधों और बाजारों की स्थिति को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर कारोबारियों की नजर रहेगी।