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दुनिया घूमने की आजादी में भारत कितना पीछे? जानिए भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग और वीजा नियमों का पूरा गणित

भारतीय पासपोर्ट की कितनी ताकत? 84वें स्थान पर भारत, 55 देशों में बिना पूर्व वीजा यात्रा की सुविधा

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• वीडियो एडिटर, Lucknow

4 मिनट New Delhi

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दुनिया घूमने की आजादी में भारत कितना पीछे? जानिए भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग और वीजा नियमों का पूरा गणित

भारतीय पासपोर्ट की ताकत कितनी? 84वें स्थान पर भारत, जानिए किन देशों में बिना वीजा कर सकते हैं यात्रा
वैश्वीकरण के दौर में किसी देश की ताकत का आकलन केवल उसकी अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों को मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय यात्रा की आजादी से भी किया जाता है। इसे ग्लोबल मोबिलिटी कहा जाता है। भारत की आर्थिक और कूटनीतिक स्थिति में लगातार बदलाव के बावजूद भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग और वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत का स्थान
हेनले एंड पार्टनर्स के अक्टूबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट 199 पासपोर्टों की सूची में 84वें स्थान पर बताया गया है। इस रैंकिंग में भारत अल्जीरिया और मॉरिटानिया के साथ है। रिपोर्ट में भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए 55 गंतव्यों तक बिना पूर्व वीजा के पहुंच की बात कही गई है।

हालांकि, दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्टों की तुलना में भारत की पहुंच अभी सीमित है। सिंगापुर, जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के नागरिकों को कई अधिक गंतव्यों पर यात्रा की सुविधा मिलती है। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय यात्रियों को अब भी अनेक देशों में यात्रा से पहले वीजा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं।
यूरोप जाने वालों के लिए शेंगेन वीजा कितना मुश्किल?
यूरोप का शेंगेन क्षेत्र भारतीय पर्यटकों, छात्रों और कारोबारियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। लेकिन यहां यात्रा के लिए वीजा हासिल करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यूरोपीय संघ ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा नियमों में कुछ राहत भी दी है।

कैस्केड व्यवस्था के तहत, निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले भारतीय यात्रियों को लंबी अवधि के मल्टीपल-एंट्री शेंगेन वीजा की सुविधा मिल सकती है। नियमित रूप से यूरोप जाने वाले यात्रियों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।

इसके बावजूद, वीजा अपॉइंटमेंट में देरी, दस्तावेजों की कमी, आर्थिक स्थिति के पर्याप्त प्रमाण और आवेदन खारिज होने की आशंका यात्रियों की परेशानी बढ़ाती है। खासकर छुट्टियों और पर्यटन के व्यस्त मौसम में पहले से योजना बनाना जरूरी हो जाता है।
एशिया से कैरेबियन तक भारतीयों के लिए आसान यात्रा
यूरोप और उत्तरी अमेरिका के मुकाबले एशिया, अफ्रीका और कैरेबियाई क्षेत्र के कई देश भारतीय यात्रियों को अपेक्षाकृत आसान प्रवेश की सुविधा देते हैं।

थाईलैंड, मलेशिया, नेपाल और भूटान जैसे गंतव्य भारतीय पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। वहीं, इंडोनेशिया, मालदीव, श्रीलंका और कजाकिस्तान जैसे देशों में प्रवेश की सुविधा संबंधित देश के मौजूदा नियमों और पात्रता पर निर्भर करती है।

मॉरीशस, रवांडा, बारबाडोस, फिजी और जमैका जैसे देश भी भारतीय यात्रियों के लिए आकर्षक विकल्प हैं। हालांकि, यात्रा से पहले प्रत्येक देश की आधिकारिक वीजा नीति, ठहरने की अवधि और प्रवेश संबंधी शर्तों की जांच करना जरूरी है।
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग कम रहने के पीछे क्या कारण हैं?
भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक पहुंच को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं। इनमें अवैध प्रवासन और वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकने की आशंका, देशों के बीच पारस्परिक वीजा नीतियां तथा सुरक्षा और आव्रजन संबंधी चिंताएं शामिल हैं।

कई देश वीजा-मुक्त प्रवेश देने से पहले यात्रियों के आव्रजन रिकॉर्ड, दस्तावेजों की विश्वसनीयता और अपने सीमा प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर विचार करते हैं। इसके अलावा, द्विपक्षीय संबंध और आपसी समझौते भी यह तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं कि किसी देश के नागरिकों को कितनी यात्रा सुविधाएं मिलेंगी।
ई-पासपोर्ट और नए समझौतों से बढ़ सकती है ताकत
भारत में ई-पासपोर्ट जैसी तकनीक की शुरुआत से दस्तावेजों की सुरक्षा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही, दूसरे देशों के साथ आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग तथा वीजा प्रक्रियाओं को आसान बनाने के प्रयास भारतीय यात्रियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

कुल मिलाकर, भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति में सुधार के लिए केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि भरोसेमंद आव्रजन व्यवस्था, प्रभावी कूटनीति और अधिक देशों के साथ वीजा-मुक्त या आसान प्रवेश संबंधी समझौते भी महत्वपूर्ण हैं। आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में प्रगति भारतीय नागरिकों की वैश्विक यात्रा की स्वतंत्रता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

नोट: प्रकाशन से पहले अक्टूबर 2026 की हेनले पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग, 55 गंतव्यों के आंकड़े और प्रत्येक देश की वीजा नीति को आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित कर लें। वीजा-मुक्त प्रवेश, वीजा ऑन अराइवल और ई-वीजा अलग-अलग सुविधाएं हैं।

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