कपड़ों के बीच ट्रॉली बैग में छिपाकर रखे थे अमेरिकी डॉलर और विदेशी करेंसी, खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई; कस्टम एक्ट के तहत मुद्रा और बैग जब्त, अब पैसों के स्रोत की जांच
हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो यात्रियों के पास से करीब 1.56 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा बरामद की है। दोनों यात्री मलेशिया के कुआलालंपुर जाने की तैयारी में थे। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा को ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच काले प्लास्टिक कवर में छिपाकर रखा गया था। खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में एक पुरुष और एक महिला यात्री को पकड़ा गया। दोनों विदेशी मुद्रा को कानूनी तरीके से हासिल करने और उसे देश से बाहर ले जाने से संबंधित जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद DRI ने पूरी विदेशी मुद्रा और उसे छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए ट्रॉली बैग को जब्त कर लिया। मामले में दोनों यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है और अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा कहां से आई और इसे मलेशिया ले जाने का मकसद क्या था।
खुफिया सूचना के आधार पर DRI ने की कार्रवाई
DRI की हैदराबाद जोनल यूनिट को विदेशी मुद्रा की कथित अवैध आवाजाही से जुड़ी पुख्ता जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 22 अक्टूबर को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निगरानी बढ़ाई। इस दौरान कुआलालंपुर जाने वाली एयरएशिया की फ्लाइट में सवार होने वाले एक पुरुष यात्री को रोका गया। अधिकारियों ने उसके केबिन बैगेज की तलाशी ली तो ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच काले प्लास्टिक कवर में छिपाकर रखी गई विदेशी मुद्रा बरामद हुई। तलाशी के दौरान मिले नोटों में बड़ी मात्रा में अमेरिकी डॉलर शामिल थे। इसके अलावा मलेशियाई रिंगित और सिंगापुर डॉलर भी मिले। शुरुआती जांच में सामने आया कि यात्री ने विदेशी मुद्रा को इस तरह छिपाया था कि सामान्य तलाशी के दौरान उस पर आसानी से ध्यान न जाए।
पुरुष यात्री के पास से 63.62 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा बरामद
DRI अधिकारियों के मुताबिक, पुरुष यात्री के केबिन बैगेज से 66,600 अमेरिकी डॉलर, 3,773 मलेशियाई रिंगित और दो सिंगापुर डॉलर बरामद किए गए। जब्त की गई इस विदेशी मुद्रा का कुल मूल्य लगभग 63.62 लाख रुपये आंका गया है। अधिकारियों ने बताया कि मुद्रा को ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच एक काले प्लास्टिक कवर में छिपाकर रखा गया था। बरामदगी के बाद अधिकारियों ने यात्री से विदेशी मुद्रा के स्रोत और उसे विदेश ले जाने से संबंधित दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान पुरुष यात्री ने अधिकारियों को बताया कि उसी फ्लाइट से यात्रा करने वाली एक महिला के पास भी विदेशी मुद्रा मौजूद है। इस जानकारी के आधार पर DRI अधिकारियों ने महिला यात्री को भी रोककर उसके सामान की तलाशी ली। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और दूसरे यात्री के पास से भी बड़ी मात्रा में अमेरिकी डॉलर बरामद हुए।
महिला यात्री के पास मिले 91.94 लाख रुपये के अमेरिकी डॉलर
महिला यात्री के केबिन बैगेज की तलाशी लेने पर अधिकारियों को 97,600 अमेरिकी डॉलर मिले। इनकी कीमत लगभग 91.94 लाख रुपये बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, महिला ने भी विदेशी मुद्रा को अपने ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच उसी तरह छिपाकर रखा था। दोनों यात्रियों से बरामद विदेशी मुद्रा का कुल मूल्य लगभग 1.56 करोड़ रुपये है।
इस बरामदगी के बाद DRI अधिकारियों ने दोनों यात्रियों से मुद्रा के संबंध में पूछताछ की। हालांकि, दोनों यात्री विदेशी मुद्रा को कानूनी तरीके से हासिल करने और उसे ले जाने से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद अधिकारियों ने कस्टम एक्ट, 1962 के तहत कार्रवाई करते हुए पूरी विदेशी मुद्रा जब्त कर ली। मुद्रा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए दोनों ट्रॉली बैग भी जब्त किए गए हैं।
कस्टम एक्ट के तहत दोनों यात्री गिरफ्तार
DRI ने मामले में दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, एजेंसी की ओर से जारी बयान में उनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और बरामद विदेशी मुद्रा के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मुद्रा किस उद्देश्य से मलेशिया ले जाई जा रही थी और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी है।
विदेशी मुद्रा की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यात्रियों ने मुद्रा कहां से हासिल की थी और उसे विदेश ले जाने के लिए कौन-सा रास्ता अपनाया जा रहा था। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस मामले में दोनों यात्रियों की गिरफ्तारी और विदेशी मुद्रा की जब्ती अहम कार्रवाई मानी जा रही है।
22 अक्टूबर को हुई थी कार्रवाई, शनिवार को दी गई जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई 22 अक्टूबर को की गई थी, जबकि इसकी जानकारी शनिवार को सार्वजनिक की गई। दोनों यात्री एयरएशिया की फ्लाइट AK-68 से मलेशिया के कुआलालंपुर जाने की तैयारी में थे। इसी दौरान DRI ने उन्हें रोककर तलाशी ली और विदेशी मुद्रा बरामद की।
यह मामला हवाई अड्डों के माध्यम से विदेशी मुद्रा की आवाजाही पर निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर की जाने वाली कार्रवाई की अहमियत को भी सामने लाता है। फिलहाल, जांच एजेंसी का ध्यान बरामद मुद्रा के स्रोत, उसे ले जाने के उद्देश्य और उससे जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने पर है।