तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा तेज कर दिया है। 17 अक्टूबर को चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में DMK सांसदों की अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित अनियमितताओं और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर चर्चा होनी है।
चेन्नई में ‘अन्ना अरिवलयम’ में जुटेंगे DMK सांसद, चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध और आगे की रणनीति पर होगी चर्चा; स्टालिन ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग भी उठाई।
चेन्नई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन के बीच द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन शनिवार को पार्टी सांसदों के साथ अहम बैठक करेंगे। चेन्नई स्थित DMK मुख्यालय ‘अन्ना अरिवलयम’ में होने वाली इस बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पार्टी की आपत्तियों और चुनाव आयोग के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर भी विचार किया जा सकता है।
कनिमोझी का केंद्र सरकार पर हमला
DMK संसदीय दल की नेता कनिमोझी ने शुक्रवार को केंद्र की BJP सरकार पर संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। DMK लंबे समय से SIR का विरोध करती रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नाम हटाए जाने और प्रक्रिया से जुड़ी उसकी चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
स्टालिन ने प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग की
एम. के. स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत से तुरंत रिहा करने की मांग की। स्टालिन ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए लोगों के ठिकाने की जानकारी न देना गैरकानूनी और अमानवीय है। उन्होंने केंद्र सरकार से शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाना बंद करने की अपील भी की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को शुक्रवार को दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया था। बताया गया कि दीपके कनॉट प्लेस और नेहा बोरा मंडी हाउस की ओर जा रही थीं। स्टालिन ने कहा कि आंदोलन को दबाने की कोशिशें उसे और मजबूत कर सकती हैं।
‘ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा’: स्टालिन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराते हुए स्टालिन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। वहीं, DMK ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष की चिंताओं के बीच की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि आगामी प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आती हैं, तो वह इसका विरोध करेगी।
क्या है SSR की प्रक्रिया?
रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा की है। इसके लिए एक जनवरी 2027 को पात्रता तिथि निर्धारित की गई है। प्रक्रिया के तहत 12 नवंबर को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 11 दिसंबर तक चलेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी 2027 को प्रकाशित किए जाने का कार्यक्रम बताया गया है।
DMK के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता टी.के.एस. इलांगोवन ने आरोप लगाया कि आयोग विपक्षी दलों की आवाज दबाना चाहता है। उन्होंने कहा कि SIR के दौरान नाम हटाए जाने को लेकर विपक्षी दल चिंतित हैं और SSR की प्रक्रिया पर करीबी नजर रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई, तो पार्टी उसके खिलाफ आवाज उठाएगी।
बैठक पर टिकी राजनीतिक नजरें
SIR और SSR को लेकर DMK तथा चुनाव आयोग के बीच मतभेद के बीच शनिवार की बैठक को अहम माना जा रहा है। बैठक में पार्टी के विरोध के अगले चरण और विपक्षी दलों के साथ समन्वय पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक के बाद पार्टी नेतृत्व क्या निर्णय लेता है, इस पर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।