महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। आनंद दुबे ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया। पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा शिवसेना से ही शुरू हुई थी और अब वह अपने घर लौट आए हैं। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से प्रेरित होकर राजनीति में आने की बात भी कही।
शिवसेना (UBT) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में थामा भगवा झंडा। हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से भटकने का लगाया आरोप।
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना को लेकर जारी खींचतान के बीच उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को झटका लगा है। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने शिवसेना (UBT) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर दुबे के साथ उनके कई समर्थक भी शिवसेना में शामिल हुए।
‘मैं अपने घर लौट आया हूं’
शिवसेना में शामिल होने के बाद आनंद दुबे ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा मूल रूप से शिवसेना से शुरू हुई थी। वह हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से प्रेरित होकर राजनीति में आए थे। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों के कारण उन्हें कुछ समय तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के साथ काम करना पड़ा।
दुबे के मुताबिक, उन्होंने शिवसेना (UBT) में रहते हुए पूरी ईमानदारी और मेहनत से पार्टी की बात जनता तक पहुंचाई, लेकिन पिछले काफी समय से वह असहज महसूस कर रहे थे। अब शिवसेना में लौटकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने अपने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, **“मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं अपने घर लौट आया हूं।”**
एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में थामा भगवा झंडा
शिवसेना में शामिल होने से पहले आनंद दुबे ने शिवसेना (UBT) के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी। शिवसेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दुबे के साथ कई समर्थकों ने भी पार्टी की सदस्यता ली। इस अवसर पर एकनाथ शिंदे ने नए सदस्यों का स्वागत किया और उनके राजनीतिक सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
दुबे के साथ गुलाबचंद दुबे, सुनील चौबे, बृजेश मौर्य, दशरथ प्रजापति, प्रवीण दुबे और धनंजय गुप्ता के भी शिवसेना में शामिल होने की जानकारी दी गई। इसके अलावा, युवा सेना से जुड़े इमरान शेख, सलाउद्दीन, इरफान शेख, शिरान शेख और अलीम शेख के भी पार्टी में शामिल होने का दावा किया गया है।
शिवसेना (UBT) पर हिंदुत्व से भटकने का आरोप
आनंद दुबे ने शिवसेना (UBT) छोड़ने की वजह बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अब बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्ववादी विचारधारा से दूर हो गई है। उन्होंने कांग्रेस और CJP के साथ मिलकर किए जा रहे आंदोलनों पर भी आपत्ति जताई। दुबे ने कहा कि वह पार्टी के मौजूदा राजनीतिक रुख से सहमत नहीं हैं और ऐसे माहौल में काम करना उनके लिए मुश्किल हो गया था।
अपने फैसले को समझाने के लिए उन्होंने ट्रेन का उदाहरण देते हुए कहा था कि जिस ट्रेन में कॉकरोच हों, उसमें सफर जारी रखने के बजाय उतर जाना बेहतर है। उन्होंने यह भी कहा था कि ध्रुव राठी, शरजील इमाम और उमर खालिद उनके आदर्श नहीं हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में क्या होगा असर?
आनंद दुबे का शिवसेना (UBT) छोड़कर एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल होना दोनों गुटों के बीच जारी वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष के संदर्भ में चर्चा का विषय बन गया है। दुबे ने अपने फैसले को बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से दोबारा जुड़ने के रूप में पेश किया है। हालांकि, इस घटनाक्रम का दोनों दलों के राजनीतिक समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा, यह आगे की गतिविधियों से स्पष्ट होगा।