रविवार, 25 अक्टूबर 2026
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लखनऊ में शिवसेना हिंदुस्तान की बैठक, अक्षय साहनी बने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

लखनऊ में शिवसेना हिंदुस्तान की बैठक के दौरान संगठन में महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई। अक्षय साहनी को पार्टी का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।

Pawan Kumar

• रिपोर्टर व न्यूज़ संपादक

5 मिनट luckhnow

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लखनऊ में शिवसेना हिंदुस्तान की बैठक, अक्षय साहनी बने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

लखनऊ के गोमती नगर में शिवसेना हिंदुस्तान एवं हिंदुस्तान शक्ति सेना के वरिष्ठ नेताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता ने की, जो पंजाब के पटियाला से उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने, हिंदू संगठनों से समन्वय स्थापित करने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।

 अक्षय साहनी को मिली कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी

बैठक में संगठनात्मक विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता ने विचार-विमर्श के बाद अक्षय साहनी को शिवसेना हिंदुस्तान उत्तर प्रदेश का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया। इसके साथ ही संगठन के संचालन को बेहतर बनाने के लिए चार वरिष्ठ महिला सदस्यों की समिति गठित करने की घोषणा भी की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में समिति के सदस्यों के नाम स्पष्ट नहीं किए गए हैं।

बैठक में शामिल वरिष्ठ नेताओं ने संगठन को दोबारा सक्रिय और मजबूत बनाने का संकल्प जताया। उनका कहना था कि वे कुछ समय से संगठनात्मक गतिविधियों में निष्क्रिय रहे, लेकिन हिंदुत्व की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में संगठन का जनाधार बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया जाएगा।

 हिंदू संगठनों पर मुकदमों को लेकर जताई चिंता

बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ जानबूझकर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उनका दावा था कि इस तरह की कार्रवाई से हिंदू संगठनों को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है और इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि भी प्रभावित हो सकती है।

ये आरोप बैठक में शामिल नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

नेताओं ने निर्णय लिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के लिए समय मांगा जाएगा और उन्हें इस संबंध में अपनी बात रखी जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि किसी हिंदू संगठन के पदाधिकारी या कार्यकर्ता को कानूनी कार्रवाई के दौरान अनुचित उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, तो शिवसेना हिंदुस्तान कानूनी दायरे में उनकी सहायता करने का प्रयास करेगा। संगठन ने अन्य हिंदू संगठनों के साथ तालमेल बढ़ाने और उन्हें अपनी समस्याएं उठाने के लिए मंच उपलब्ध कराने की बात भी कही।

 यूपी और पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी

बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। पवन गुप्ता ने बताया कि संगठन की राजनीतिक शाखा हिंदुस्तान शक्ति सेना भारतीय चुनाव आयोग में पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी क्षमता और संगठनात्मक तैयारी के अनुसार आगामी पंजाब और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार उतारने की दिशा में काम करेगी।

बैठक में हिंदुत्व समर्थक दलों के साथ मतभेदों से ऊपर उठकर सहयोग करने पर भी जोर दिया गया। नेताओं का कहना था कि संगठन अपने राजनीतिक और सामाजिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ समन्वय स्थापित करेगा।

 अखिल भारतीय हिंदू मंदिर प्रबंधन कानून की मांग

बैठक में हिंदू धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक मंदिरों के प्रबंधन को लेकर भी प्रस्ताव रखा गया। पवन गुप्ता ने मांग की कि हिंदू मंदिरों के प्रबंधन के लिए अखिल भारतीय स्तर पर कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से संबंधित 1925 के कानून का उदाहरण देते हुए हिंदू मंदिरों के लिए भी ऐसी व्यवस्था बनाने की वकालत की।

संगठन के नेताओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों के प्रबंधन में पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा और ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई गई, जिससे भविष्य में चढ़ावे से संबंधित चोरी की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत न हों।

मथुरा मंदिर मुक्ति आंदोलन को समर्थन

बैठक में मथुरा मंदिर मुक्ति आंदोलन का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने कहा कि संत समाज यदि इस संबंध में सर्वसम्मति से कोई रणनीति तैयार करता है, तो शिवसेना हिंदुस्तान भारतीय संविधान के दायरे में रहते हुए उसका समर्थन करेगा। नेताओं ने इस विषय पर हिंदू समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

पवन गुप्ता ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में संगठन को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने के लिए सभी वरिष्ठ नेताओं और शिवसैनिकों को मिलकर काम करना होगा।

 कई जिलों के नेता बैठक में हुए शामिल

बैठक में पूर्वांचल सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों से पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। इनमें कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, कानपुर, जौनपुर, वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, मऊ, चंदौली, उन्नाव, गाजियाबाद, प्रतापगढ़, नोएडा और लखनऊ के प्रतिनिधि शामिल रहे।

बैठक में गाजियाबाद और नोएडा से गौ रक्षा दल के प्रमुख वेद नागर व उनके साथी, जौनपुर से सुनील राय, प्रदीप तिवारी, सुनील कुमार सेठ, भोपाल सिंह भोले, अंकित सिंह और मोनू सेठ शामिल हुए। प्रतापगढ़ से अधिवक्ता राकेश कुमार के साथ कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज से राजन जायसवाल, अक्षय साहनी, अखिलेश गुप्ता, अखिलेश यादव, राजेंद्र चौरसिया, दिनेश गुप्ता, नरेंद्र मिश्रा, कैलाश कुशवाहा और सुधीर हाटा सहित कई नेता मौजूद रहे।

 पंजाब के पदाधिकारियों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

बैठक की तैयारियों और प्रबंधन के लिए शिवसेना हिंदुस्तान पंजाब के वरिष्ठ नेताओं की टीम दो दिन पहले ही लखनऊ पहुंच गई थी। इस टीम का नेतृत्व पंजाब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश प्रभारी क्षमाकांत पांडे ने किया, जो मूल रूप से प्रतापगढ़ के निवासी हैं।

टीम में रोपड़-मोहाली के जिला प्रभारी एवं पंजाब के संगठन मंत्री अखिलेश, मोहाली के जिला अध्यक्ष बी.एन. गिरी, व्यापार सेना के जिला अध्यक्ष दीपक कुमार और पटियाला के दर्शन सिंह नगर के चेयरमैन अनुज चतुर्वेदी शामिल रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता के साथ राष्ट्रीय सलाहकार हेमराज गोयल भी पटियाला से लखनऊ पहुंचे थे। बैठक में प्रदेश महासचिव रामजी तिवारी और प्रदेश उपाध्यक्ष रामशीष अखिलेश दास गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

 संगठन के पुनर्गठन पर जोर

लखनऊ के गोमती नगर में हुई इस बैठक में संगठन के पुनर्गठन, कानूनी सहायता, मंदिर प्रबंधन, हिंदू संगठनों के साथ समन्वय और आगामी चुनावों की तैयारियों पर प्रमुखता से चर्चा हुई। अक्षय साहनी को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने को उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

रिपोर्ट: राजकिशोर बारी, संवाददाता 

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