कैसरबाग कचहरी के पास नगर निगम की कार्रवाई से नाराज वकीलों ने किया विरोध-प्रदर्शन, वैकल्पिक जगह देने की उठाई मांग; चैंबर टूटते देख भावुक हुए अधिवक्ता।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के कैसरबाग कचहरी के पास बने चैंबरों को हटाने के लिए नगर निगम की ओर से बुलडोजर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद वकीलों ने इसका विरोध किया। कुछ अधिवक्ता बुलडोजर के आगे लेट गए, जबकि कुछ मशीन पर चढ़कर विरोध जताते नजर आए। इस दौरान प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
चैंबर टूटते देख भावुक हुए वकील
वर्षों से अपने चैंबर में बैठकर काम कर रहे अधिवक्ताओं के सामने जब उनके कार्यालयों को ध्वस्त किया जाने लगा, तो कई वकील भावुक हो गए। कुछ की आंखों से आंसू छलक पड़े। मौके पर मौजूद महिलाओं को भी रोते हुए देखा गया। कार्रवाई के दौरान वकीलों का दर्द और नाराजगी साफ नजर आई।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि उनके चैंबर उनके कामकाज का अहम हिस्सा हैं और इन्हें हटाए जाने से उनके सामने कामकाज को लेकर परेशानी खड़ी हो जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि चैंबर हटाने से पहले उनके लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की जाए।
बुलडोजर के आगे लेटकर जताया विरोध
नगर निगम की कार्रवाई के दौरान कुछ वकीलों ने बुलडोजर के आगे लेटकर उसे रोकने का प्रयास किया। कुछ अधिवक्ता बुलडोजर पर चढ़ गए और कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दी और प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन तथा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
वकीलों की मांग है कि उनके चैंबरों को हटाने के मामले में उनकी समस्याओं को सुना जाए और उचित समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि वर्षों से चल रहे कामकाज को प्रभावित करने वाली कार्रवाई के साथ उनके पुनर्वास या वैकल्पिक जगह के सवाल पर भी विचार होना चाहिए।
2027 के चुनाव में जवाब देने की कही बात
प्रदर्शन के दौरान कुछ वकीलों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे इस कार्रवाई का जवाब वर्ष 2027 के चुनाव में देंगे। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई को मनमाना बताते हुए प्रशासन के तरीके पर सवाल उठाए। हालांकि, नगर निगम की कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों का पक्ष और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है।
कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
कैसरबाग कचहरी के पास हुई इस कार्रवाई ने चैंबरों में काम करने वाले अधिवक्ताओं की रोजी-रोटी, कार्यस्थल और वैकल्पिक व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। एक ओर नगर निगम की कार्रवाई में कथित अवैध चैंबरों को हटाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित वकील अपने वर्षों के कामकाज और कार्यालयों को लेकर चिंता जता रहे हैं।
फिलहाल, वकीलों की मांग है कि उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान निकाला जाए और उन्हें वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने पर विचार किया जाए। इस मामले में नगर निगम और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद कार्रवाई के कारणों तथा आगे की व्यवस्था को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।