बिहार में MLC चुनाव से पहले शिक्षकों को सौगात, सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी अनुदान राशि
बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले वित्तरहित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार सरकार के निर्देश पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने अनुदान राशि सीधे संबंधित कर्मियों के बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार से RTGS के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है और इसे अगले दो दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर मतदान होने जा रहा है। इस चुनाव में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं।
अब सीधे बैंक खातों में मिलेगी अनुदान राशि
पहले अनुदान की राशि संबंधित विद्यालयों और कॉलेजों की प्रबंध समितियों के खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद प्रबंध समितियां शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों तक भुगतान पहुंचाती थीं। इस प्रक्रिया में कई तरह की परेशानियां सामने आती थीं और कर्मचारियों को अपनी राशि के लिए इंतजार करना पड़ता था।
नई व्यवस्था के तहत अब अनुदान की राशि सीधे पात्र शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और देरी की समस्या कम होने की उम्मीद है।
दस्तावेजों के आधार पर हो रहा भुगतान
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से अनुदान का भुगतान विद्यालयों की प्रबंध समितियों से प्राप्त सूची और संबंधित जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित प्रपत्र के आधार पर किया जा रहा है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पात्र कर्मियों के बैंक खातों में राशि भेजी जा रही है।
जिन संस्थानों की अनुमोदित सूची या डीईओ द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित प्रपत्र अभी तक समिति को प्राप्त नहीं हुआ है, उनसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन संस्थानों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को भी अनुदान राशि देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
लंबे इंतजार के बाद शिक्षकों को राहत की उम्मीद
वित्तरहित विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी लंबे समय से अनुदान राशि मिलने का इंतजार कर रहे थे। इस मुद्दे को लेकर पहले आंदोलन भी हो चुके हैं। ऐसे में सीधे बैंक खातों में भुगतान शुरू होने से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है, जबकि मतगणना के बाद 27 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इन सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक भी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाता होते हैं।
ऐसे में चुनाव से ठीक पहले अनुदान भुगतान की प्रक्रिया शुरू होना शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस कदम का चुनाव पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।