मेरठ में बड़ा हादसा! बच्चों से भरी स्कूल बस अनियंत्रित होकर खेत में गिरी, मौके पर मची चीख-पुकार—बस में सवार बच्चों का क्या हुआ और हादसे की वजह क्या रही?
उत्तर प्रदेश के मेरठ में बुधवार सुबह बच्चों से भरी एक स्कूल बस अचानक सड़क से नीचे उतरकर खेत में जा गिरी। हादसे के बाद बस में सवार बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस दुर्घटना में 15 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं। गनीमत रही कि अब तक किसी की मौत की खबर सामने नहीं आई है।
स्टेयरिंग फेल होने की आशंका, छह फीट गहरे खेत में गिरी बस
यह हादसा मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र में अमानुल्लाहपुर और चिंदौड़ी गांव के पास सुबह करीब 7:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि जानी थाना क्षेत्र स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की बस बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। इसी दौरान बस का स्टेयरिंग फेल होने की आशंका जताई गई, जिसके चलते चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस करीब छह फीट गहरे खेत में जा गिरी।
बच्चों की चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण, शीशे तोड़कर निकाला बाहर
बस के खेत में गिरते ही बच्चों में दहशत फैल गई। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। बच्चों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने बस के शीशे तोड़े और एक-एक करके उन्हें बाहर निकाला। ग्रामीणों की तत्परता से राहत-बचाव कार्य में मदद मिली और घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
15 से ज्यादा बच्चे घायल, कई की हालत गंभीर बताई गई
हादसे में 15 से अधिक बच्चों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ बच्चों को गंभीर चोटें लगने की बात कही गई है। घायलों को एसडीएस ग्लोबल अस्पताल और मोदीपुरम के अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
बस चालक हिरासत में, फिटनेस और तकनीकी खराबी की जांच
घटना के बाद कुछ परिजनों ने बस चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लिया है। पुलिस बस की फिटनेस, तकनीकी स्थिति और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। स्टेयरिंग फेल होने की बात शुरुआती जानकारी पर आधारित है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
स्कूल बसों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर स्कूली बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहनों की नियमित तकनीकी जांच, फिटनेस प्रमाणपत्र और चालकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। फिलहाल घायल बच्चों के स्वास्थ्य और पुलिस जांच से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार है