लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा एक्शन! ऋषभ शुक्ला के घर पर चला बुलडोजर, कार्रवाई से मचा हड़कंप—अब आगे क्या होगा?
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद प्रशासन ने आरोपी ऋषभ शुक्ला के मकान से जुड़े कथित अवैध निर्माण पर कार्रवाई की है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने मकान को सील करने के बाद सड़क और नजूल भूमि पर बनी चारदीवारी को बुलडोजर से गिरा दिया। इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं, पीड़ित परिवार की ओर से मृतक शिवेंद्र तिवारी की बेटी सुमेधा तिवारी ने सरकार से आर्थिक सहायता, मां के लिए सरकारी नौकरी और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
इस हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी थी। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे, जिसके बाद संबंधित थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया।
चबूतरे और पार्किंग के विवाद में गई तीन लोगों की जान
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 26 अक्टूबर को सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में कार पार्किंग और चबूतरे के निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की मौत हो गई।
इस मामले में ऋषभ शुक्ला मुख्य आरोपी है। पुलिस ने उसे घटनास्थल से गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के दौरान उसके परिवार के अन्य सदस्यों समेत कई लोगों को भी गिरफ्तार किया गया।
घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश फैल गया। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग उठाई।
आरोपी के मकान पर LDA की कार्रवाई
तिहरे हत्याकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम पुलिस बल के साथ आरोपी के घर पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक, मकान का स्वीकृत नक्शा उपलब्ध नहीं कराया गया था। जांच में सड़क और नजूल भूमि पर कथित अतिक्रमण से जुड़ा निर्माण भी सामने आया।
इसके बाद प्राधिकरण ने मकान को सील किया और सड़क तथा नजूल भूमि पर बनी चारदीवारी को बुलडोजर से हटाया। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण से संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल रिपोर्टों में बुलडोजर से चारदीवारी गिराए जाने की जानकारी है। पूरे मकान को ध्वस्त किए जाने की बात इससे अलग है और उसके लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया तथा आदेश की स्थिति देखना आवश्यक है।
सुमेधा तिवारी ने सरकार के सामने रखीं मांगें
हत्याकांड में अपने पिता शिवेंद्र तिवारी को खोने वाली सुमेधा तिवारी ने सरकार से न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना से दो परिवार प्रभावित हुए हैं और दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।
सुमेधा ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि दोनों प्रभावित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता मिलनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने अपनी मां, यानी शिवेंद्र तिवारी की पत्नी, को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
उन्होंने अपनी शिक्षा का खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की। सुमेधा ने कहा कि घटना के बाद परिवार को सुरक्षा की चिंता है और प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
उनकी मांगों में आरोपियों के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल थी।
सरकार की ओर से नौकरी, शिक्षा और सुरक्षा का आश्वासन
मामले के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने परिवार के एक सदस्य को लखनऊ नगर निगम में अधिकारी विशेष कार्य (OSD) के स्तर पर नौकरी देने का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही मृतक शिवेंद्र तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी को नौकरी देने और उनकी बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने की बात कही गई। परिवार को आजीवन सुरक्षा देने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने का भी आश्वासन दिया गया।
उपमुख्यमंत्री ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की संभावना का भी उल्लेख किया। हालांकि, किसी भी कानून के तहत कार्रवाई का अंतिम स्वरूप संबंधित कानूनी प्रक्रिया और सक्षम अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगा।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि विवाद की पृष्ठभूमि में पहले से तनाव था और समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई।
इन आरोपों के बीच पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया। अधिकारियों की भूमिका की जांच किए जाने की बात भी सामने आई।
हालांकि, पुलिस की कथित लापरवाही के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
अब न्याय और पुनर्वास पर टिकी हैं पीड़ित परिवार की उम्मीदें
इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय विवादों के हिंसक रूप लेने और समय रहते विवाद सुलझाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। तीन लोगों की मौत के बाद परिवार को न्याय दिलाना, बचे हुए सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी आर्थिक व शैक्षणिक जरूरतों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
प्रशासन की ओर से आरोपी के कथित अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई है और परिवार को सहायता देने के आश्वासन भी सामने आए हैं। अब इन आश्वासनों को लागू करना तथा मामले की निष्पक्ष जांच और सुनवाई सुनिश्चित करना अहम होगा।
फिलहाल, लखनऊ के सआदतगंज तिहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला और अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। पीड़ित परिवार सरकार से आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी, शिक्षा और सुरक्षा की मांग कर रहा है।