मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

सुलतानपुर: एमपी-एमएलए कोर्ट ने 49 पन्नों में मानहानि केस का किया द-इंड,राहुल गांधी हुए बरी

कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी,समर्थकों की जमा रही भीड़

Deepika Yadav

• Sr. Video Editor, Lucknow

6 मिनट सुलतानपुर

शेयर करें:
सुलतानपुर: एमपी-एमएलए कोर्ट ने 49 पन्नों में मानहानि केस का किया द-इंड,राहुल गांधी हुए बरी

*रिपोर्ट-अंकुश यादव*
-----------------------------------
सुलतानपुर। गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि के केस में सोमवार को राहुल गांधी करीब 11:10 बजे कोर्ट पहुँचे। जिसके बाद करीब 14 मिनट चली कोर्ट की कार्यवाही में एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आया। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने मामले में राहुल गांधी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। कोर्ट का फैसले पर राहुल गांधी ने जज साहब को थैंक्यू कहा,वहीं उनके समर्थकों ने भी न्यायालय के प्रति आभार प्रकट किया एवं खुशी का इजहार किया।
कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने आठ मई साल 2018 को बैंगलुरू में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी के जरिये गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से नाराज होकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मामले का ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था। मामले मे बहस की कार्यवाही लम्बे समय बाद गत 13 अक्टूबर को पूरी हुई थी। मामले में राहुल गांधी के अधिवक्ता ने अपनी लिखित बहस में विवादित बयान को स्वीकार किया था,पर उसे सदभाव मे दिए जाने एवं किसी को अपमानित करने के इरादे से बयान नहीं देने व तोड़-मरोड़कर बयान पेश किए जाने समेत अन्य तर्क रखे थे। वहीं परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने विवादित बयान देने की बात स्वीकार करने के आधार पर राहुल गांधी को दोषी करार दिए जाने की मांग अदालत से किया था। अदालत ने दोनों पक्षो की बहस सुनकर सोमवार को फैसले के लिए पत्रावली सुरक्षित किया था। अदालत ने अपने फैसले में राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए उन्हें बरी कर दिया है। कोर्ट का फैसला आने के दौरान कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा,प्रदेश प्रवक्ता राजेश तिवारी,जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा,शहर अध्यक्ष शकील अंसारी,वरुण मिश्रा,फिरोज खान,राहुल त्रिपाठी,वरिष्ठ अधिवक्ता रणजीत सिंह त्रिसुंडी, बलराम तिवारी एवं सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

*140 पेशियों में आया कोर्ट का फैसला*
-----------------------------------
सुलतानपुर। बेंगलुरु में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आठ मई साल 2018 को बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ विवादित टिप्पणी का मामला सामने आया था,जिससे क्षुब्ध होकर चार अगस्त साल 2018 को परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने परिवाद पत्र एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रस्तुत किया था,जिसके बाद 140 पेशियों तक मुकदमे में साक्षियों के बयान,तलबी आदेश,साक्ष्य एवं अन्य विधिक कार्यवाही अपनाई गई,जिसके बाद मामले में विचारण की प्रक्रिया पूरी होने पर 26 अक्टूबर को अदालत ने अपना फैसला सुनाया।

*मानहानि के केस में चार बार राहुल गांधी को आना पड़ा कोर्ट*
-----------------------------------
सुलतानपुर। अमित शाह के खिलाफ विवादित टिप्पणी के आरोप से जुड़े मामले में कोर्ट से विचारण के लिए तलब करने का आदेश जारी होने के बाद पहली बार 20 फरवरी साल 2024 को हाजिर होकर राहुल गांधी ने मामले में आत्मसमर्पण कर जमानत कराई। दूसरी बार वह 26 जुलाई साल 2024 को एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए,जिनका बतौर मुल्जिम बयान दर्ज किया गया। गत 20 फरवरी को राहुल गांधी हाजिर हुए तो दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के अंतर्गत उनका बयान दर्ज किया गया और चौथी बार सोमवार को अदालत का फैसला आते समय वह कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में पेश होने के दौरान राहुल गांधी ने बेरोजगारी पर लिखी एक किताब अपने हाथ मे ली थी,जिसको लेकर चर्चाएं होती रही।

*कोर्ट ने परिवादी को नहीं माना व्यथित व्यक्ति,49 पन्नों का हुआ आदेश*
----------------------------------
सुलतानपुर। भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के मामले में बयान देने के करीब सवा दो महीने बाद 15 जुलाई साल 2018 को भाजपा के तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्रा ने परिवाद पत्र कोर्ट में पेश किया था। हालांकि विचारण के दौरान उनके व साक्षियों के बयान में कई विरोधाभास पाए गए एवं कोर्ट ने उन्हें व्यथित व्यक्ति भी नहीं माना और ऐसा कोई लांछन या साक्ष्य भी पर्याप्त नहीं माना,जो मानहानिकारक रहा हो। सोमवार को आए फैसले में कोर्ट ने अपने 49 पन्नों के आदेश में कई महत्वपूर्ण तथ्य दर्शाएं है। कोर्ट ने टिप्पणी किया कि ऐसे मामलो से मात्र मुकदमो की बहुलता बढ़ेगी,जिसकी इजाजत कोर्ट नहीं दे सकती। अदालत ने केस के प्रत्येक पहलुओं व उपलब्ध साक्ष्यों पर गौर करते हुए राहुल गांधी को भादवि की धारा 500 के अपराध से दोषमुक्त कर दिया है,जिससे राहुल गांधी को स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

*सेशन कोर्ट में परिवादी पक्ष फैसले को देगा चुनौती*
--------------------------------
सुलतानपुर। मानहानि के आरोप से जुड़े मामले में सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट से आए फैसले पर पारिवादी भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने असंतोष व्यक्त है। उन्होंने सूरत से जुड़े पूर्णेश मोदी एवं मीनाक्षी लेखी से जुड़े केस का जिक्र करते हुए भाजपा नेता विजय मिश्रा को भी व्यथित पक्षकार होना बताया एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राहुल गांधी को मानहानि का जिम्मेदार होना बताया। उन्होंने कोर्ट से आए फैसले का अवलोकन करने के बाद सेशन कोर्ट में क्रिमिनल अपील दाखिल करने की बात कही है।

*समर्थकों का वाहन टकराने पर एसआईटी गठित*
----------------------------------
सुल्तानपुर। मानहानि के मुकदमे में सोमवार को कोर्ट आते समय राहुल गांधी के समर्थको के वाहन बल्दीराय थाना अंतर्गत चकटिहरी गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर टकरा गए,जिसकी सूचना पर पुलिस व संबंधित महकमे में हड़कंप मच गया। डीजीपी राजीव कृष्ण ने मामले में तीन सदस्यीय विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित कर दी है।

*बार अध्यक्ष एवं महासचिव से राहुल गांधी ने की मुलाकात*
----------------------------------
सुल्तानपुर। रायबरेली सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एमपी-एमएलए कोर्ट में जाने से पहले बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शारदा प्रसाद मिश्रा व महासचिव सूर्यनाथ यादव से मुलाकात किया। अध्यक्ष-महासचिव ने राहुल गांधी को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और अदालत का फैसला आने से पहले कहा कि असत्य पर सत्य की जीत होगी। बार अध्यक्ष शारदा प्रसाद मिश्रा व महासचिव सूर्यनाथ यादव के नेतृत्व में सैकड़ो अधिवक्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर अधिवक्ता बृजेश पाण्डेय,मो अनवर,अशोक यादव, जितेंद्र नाथ मिश्रा उर्फ़ मन्नू,कमर खान,सत्य प्रकाश वर्मा,सुखनाथ यादव,श्रवण यादव, संदीप तिवारी,शिवकुमार यादव समेत सैकड़ो अधिवक्ता मौजूद रहे l

*मानहानि केस से जुड़ी प्रमुख कार्यवाही व तिथियां*
------------------------------------
आठ मई 2018 को बेंगलुरु में राहुल गांधी ने दिया कथित विवादित बयान

15 जुलाई 2018 को परिवादी भाजपा नेता ने बयान से बताया क्षुब्ध

चार अगस्त 2018 को एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत व दर्ज

29 अगस्त 2018 को परिवादी विजय मिश्रा का बयान दर्ज

नौ सितंबर 2025 को गवाह अनिल कुमार मिश्रा का बयान दर्ज

23 दिसंबर 2025 को गवाह रामचंद्र दूबे का बयान दर्ज

27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब करने का आदेश

20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी का आत्मसमर्पण व जमानत अर्जी पेश

26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी का बतौर मुल्जिम बयान दर्ज

नौ अक्टूबर 2024 को साक्ष्य की कार्यवाही प्रारंभ

20 फरवरी 2026 को राहुल गांधी का धारा 313 का बयान दर्ज

12 मार्च 2026 को राहुल गांधी के आवाज मिलान की परिवादी ने दी अर्जी

दो मई 2026 को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अर्जी की खारिज

15 जुलाई 2026 को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट से परिवादी की आवाज मिलान की निगरानी याचिका खारिज

10 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट से परिवादी भाजपा नेता की याचिका खारिज

21 सितंबर 2026 को बहस की तिथि नियत

13 अक्टूबर 2026 को बहस की कार्यवाही पूरी,आदेश के लिए पत्रावली संरक्षित

26 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी दोषमुक्त

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →