नई दिल्ली। वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने शॉर्ट वीडियो (Shorts) को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने 1 अक्टूबर 2026 को बताया कि अब वह अपनी सिफारिश प्रणाली (recommendation system) को इस तरह अपडेट कर रही है कि ओरिजिनल कंटेंट बनाने वालों को ज्यादा तरजीह मिले, और जो चैनल दूसरों के वीडियो उठाकर बिना कुछ अपना जोड़े दोबारा पोस्ट करते हैं, उनकी पहुंच (reach) कम कर दी जाए।
YouTube के मुताबिक, दूसरे क्रिएटर्स से री-अपलोड किया गया ऐसा कंटेंट जिसमें क्रिएटर ने अपनी तरफ से कुछ नहीं जोड़ा, उसकी रीच घटाई जाएगी। कंपनी ने कहा कि जो चैनल मुख्य रूप से दूसरों के वीडियो को बिना बड़े बदलाव के इकट्ठा कर या दोबारा अपलोड कर चला रहे हैं, उन्हें फीड में कम जगह मिलेगी।

किसने दी जानकारी

यह घोषणा TeamYouTube की ओर से हेल्प कम्युनिटी पर की गई, और YouTube के क्रिएटर लायजन Rene Ritchie ने Creator Insider चैनल पर इसका विस्तार से जिक्र किया।

क्या माना जाएगा 'ओरिजिनल'

  • अपनी खुद की कमेंट्री, विश्लेषण या कहानी कहने का तरीका
  • खास तरीके की एडिटिंग और अपना नजरिया
  • ऐसे रिएक्शन वीडियो जिनमें ठोस और सार्थक बातचीत हो

क्या 'ओरिजिनल' नहीं माना जाएगा

  • छोटी-मोटी तकनीकी एडिटिंग या टेम्पलेट से किए गए बदलाव
  • स्क्रीन पर जो दिख रहा है उसे बस वॉयसओवर में बताना
  • बिना किसी बदलाव के सीधा रीपोस्ट करना
  • बिना अपनी किसी चीज को जोड़े बनाई गई कंपाइलेशन

कमाई पर असर?

YouTube ने साफ किया कि यह बदलाव सिर्फ सिफारिश और रीच से जुड़ा है। मॉनेटाइजेशन (कमाई) पहले से मौजूद 'reused content' नीति के तहत ही चलेगी, जिसमें उधार लिए गए कंटेंट में बड़ा बदलाव करना पहले से जरूरी है। यानी रीच घटाने वाला यह कदम उन नियमों के ऊपर एक अलग परत है।

क्रिएटर्स के लिए उलझन

कंपनी ने न तो इसकी शुरुआत की कोई तारीख बताई, न यह बताया कि रीच दोबारा कब आंकी जाएगी, और न ही कोई डैशबोर्ड दिया जिससे क्रिएटर देख सकें कि उनकी रीच घटाई गई है या नहीं। इससे कई छोटे क्रिएटर्स में असमंजस है।

क्रिएटर क्या करें

विशेषज्ञों की सलाह है कि क्रिएटर दूसरों की क्लिप पर निर्भर रहने के बजाय अपनी कमेंट्री, अपना नजरिया और अपनी एडिटिंग जोड़ें। YouTube ने यह भी दोहराया कि यह क्लिप इस्तेमाल करने पर रोक नहीं है, बल्कि ओरिजिनल कंटेंट को आगे बढ़ाने वाला कदम है।
(यह खबर YouTube की आधिकारिक घोषणा और क्रिएटर लायजन Rene Ritchie के बयान पर आधारित है।)