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दिल्ली में गणपति उत्सव की धूम, जानिए इस बार क्या है खास?
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। आज यानी 14 सितंबर 2026 से गणेश चतुर्थी के साथ गणपति उत्सव की शुरुआत हो गई है। शहर के अलग-अलग इलाकों में भव्य पंडाल सजाए गए हैं और जगह-जगह गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की जा…

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। आज यानी 14 सितंबर 2026 से गणेश चतुर्थी के साथ गणपति उत्सव की शुरुआत हो गई है। शहर के अलग-अलग इलाकों में भव्य पंडाल सजाए गए हैं और जगह-जगह गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है और पंडालों में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंज रहे हैं। इस बार दिल्ली में क्या है खास? इस साल दिल्ली के गणपति उत्सव की सबसे खास बात इसकी थीम है। कई पंडालों में धार्मिक आस्था के साथ-साथ देश की तकनीकी और वैज्ञानिक उपलब्धियों को भी दिखाने की तैयारी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार ‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ जैसी थीम के जरिए भगवान गणेश की पूजा को भारत की विकास यात्रा से जोड़ा जा रहा है। कुछ पंडालों में ड्रोन और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे मॉडल भी आकर्षण का केंद्र बनने वाले हैं। यानी इस बार गणपति पंडाल सिर्फ पूजा और दर्शन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनमें देश की तकनीकी क्षमता और आधुनिक भारत की तस्वीर भी देखने को मिलेगी। पीतमपुरा से लक्ष्मी नगर तक सजे पंडाल दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में गणपति उत्सव को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। पीतमपुरा, लक्ष्मी नगर और कीर्ति नगर समेत कई इलाकों में बड़े पंडाल तैयार किए गए हैं। कीर्ति नगर का ‘दिल्ली का राजा’ पंडाल भी हर साल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है। पूर्वी दिल्ली में गणेश प्रतिमाओं को लेकर भी खास तैयारियां देखने को मिली हैं। यहां महाराष्ट्र और कोलकाता से लाई गई मिट्टी से प्रतिमाएं तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे उत्सव में पारंपरिक कला और स्थानीय कारीगरों की भूमिका भी दिखाई दे रही है। 10 दिन तक चलेगा उत्सव गणेश चतुर्थी के साथ शुरू होने वाला गणेशोत्सव आमतौर पर करीब 10 दिनों तक चलता है। इस दौरान श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार गणपति की स्थापना कर रोजाना पूजा-अर्चना और आरती करते हैं। इस वर्ष मुख्य उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा, जब बड़े स्तर पर गणपति विसर्जन किया जाएगा। हालांकि अलग-अलग मंडलों और परिवारों में विसर्जन की परंपरा अलग-अलग हो सकती है। कुछ जगहों पर डेढ़ दिन, तीसरे, पांचवें, सातवें या अन्य निर्धारित दिनों में भी विसर्जन किया जाता है। दिल्ली में गणपति स्थापना का शुभ समय इस साल दिल्ली में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है। नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग जानकारी के अनुसार गणपति स्थापना का शुभ समय लगभग सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक बताया गया है। हालांकि पूजा का समय स्थानीय पंचांग और परंपरा के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है। श्रद्धालु इस दौरान विधि-विधान से गणपति की स्थापना कर उन्हें दूर्वा, फूल, फल और मोदक अर्पित करते हैं। इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण का सिलसिला शुरू होता है। हरतालिका तीज के साथ खास संयोग इस साल गणेश चतुर्थी का एक और धार्मिक संयोग चर्चा में है। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी दोनों 14 सितंबर को ही पड़ रहे हैं। दोनों पर्वों की तिथियां एक ही दिन पड़ने के कारण इस बार धार्मिक दृष्टि से दिन विशेष माना जा रहा है। दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत और पूजन कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर गणपति स्थापना की तैयारियां भी चल रही हैं। इस वजह से 14 सितंबर का दिन धार्मिक आयोजनों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हो गया है। पंडालों में आस्था के साथ दिखेगा आधुनिक भारत इस बार दिल्ली के गणपति उत्सव में परंपरा और आधुनिकता का अनोखा मेल देखने क
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