नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है और इंटरनेट पर “चक्रवात” तेजी से खोजा जा रहा है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग की नवीनतम जानकारी के अनुसार यह सिस्टम फिलहाल डिप्रेशन के रूप में दर्ज किया गया है और इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।
IMD के क्षेत्रीय विशेष मौसम केंद्र की ओर से 29 सितंबर की रात जारी बुलेटिन के मुताबिक डिप्रेशन तटीय म्यांमार, उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश के आसपास केंद्रित था। यह पिछले छह घंटों में करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा।
मौसम विभाग के अनुसार सिस्टम मिजोरम के लेंगपुई से लगभग 310 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और मणिपुर के इंफाल से लगभग 370 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था। इसके साथ अधिकतम स्थायी हवा की गति करीब 20 नॉट, यानी लगभग 37 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई, जबकि झोंकों की रफ्तार लगभग 56 किलोमीटर प्रति घंटे तक थी।
क्या यह चक्रवात बनेगा?
IMD के अनुमान के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले कुछ घंटों में कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। इसके बाद इसके दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश, म्यांमार, मिजोरम और त्रिपुरा से जुड़े क्षेत्रों की ओर बढ़ते हुए और कमजोर होने की संभावना है।
इसका अर्थ है कि नवीनतम आधिकारिक बुलेटिन में इसके शक्तिशाली चक्रवात में बदलने की चेतावनी नहीं दी गई है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे अपुष्ट दावों से घबराने के बजाय लोगों को IMD और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
सैटेलाइट तस्वीरों में नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, उत्तरी अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में घने बादल तथा तेज मौसमी गतिविधियां दिखाई दी हैं। उत्तर-पूर्वी राज्यों के लोगों को मौसम में बदलाव, तेज हवा या बारिश की स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग इस सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है। स्थिति बदलने पर नया बुलेटिन जारी किया जा सकता है।