बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम का असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, म्यांमार तट के पास बना डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए कमजोर पड़ रहा है। इसके बावजूद समुद्र और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं तथा ऊंची लहरों का खतरा बना हुआ है।
30 सितंबर को बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में हवाओं की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। समुद्र में 1.1 से 2 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। मछुआरों और छोटी नावों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। IMD Coastal Bulletin
मौसमी सिस्टम के असर से पूर्वोत्तर भारत, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवा और जलभराव की स्थिति बनने की भी संभावना है। विस्तृत मौसम रिपोर्ट
हालांकि फिलहाल नया चक्रवात बनने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक दावों से बचें और मौसम से जुड़ी जानकारी के लिए IMD तथा स्थानीय प्रशासन के अपडेट पर भरोसा करें।
तेज बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को जलभराव वाली सड़कों, नदियों, नालों और समुद्री तटों से दूर रहने की सलाह दी गई है। यात्रा करने से पहले स्थानीय मौसम और ट्रैफिक की स्थिति जरूर जांच लें।
Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में 65 KM/H तक हवाएं, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी का मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसका असर अभी जारी है। IMD के अनुसार समुद्र में 65 KM/H तक हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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मुख्य संपादक
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