मुंबई: फिल्म ‘आदिपुरुष’ के रिलीज होने के बाद विवादों में घिरे गीतकार और संवाद लेखक मनोज मुंतशिर ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि फिल्म के कुछ संवादों को लेकर हुई आलोचना पूरी तरह जायज थी और आज उन्हें अपने लिखे कुछ डायलॉग्स पर शर्म महसूस होती है। मुंतशिर ने कहा कि यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी, जिससे उन्होंने बहुत बड़ा सबक सीखा है।
एक हालिया बातचीत में मनोज मुंतशिर ने कहा, “आदिपुरुष मेरे करियर का सबसे कठिन अनुभव रहा। आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि कुछ संवाद कभी लिखे ही नहीं जाने चाहिए थे। मुझे उन डायलॉग्स पर शर्म आती है और मैं लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए दिल से माफी मांग चुका हूं।”
उन्होंने कहा कि रामायण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और ऐसे विषय पर काम करते समय शब्दों का चयन बेहद जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, फिल्म को लेकर लोगों का गुस्सा यह दिखाता है कि भारतीय समाज अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को लेकर कितना संवेदनशील है।








