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UP राज्यसभा चुनाव में अखिलेश का 'सरप्राइज'! तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है सपा

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'सरप्राइज' वाले बयान के बाद पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर चर्चाएं तेज हैं।…

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V K Singh

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UP राज्यसभा चुनाव में अखिलेश का 'सरप्राइज'! तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है सपा

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘सरप्राइज’ वाले बयान के बाद पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर सपा दो सीटें जीतने की स्थिति में है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी तीसरी सीट के लिए भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।

राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट चाहिए। सपा के पास 101 विधायक और कांग्रेस के दो विधायक हैं, यानी उसके समर्थन में 103 वोट हैं। दो उम्मीदवारों को जिताने के बाद करीब 29 वोट बचते हैं। तीसरे उम्मीदवार को जीतने के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। इसी वजह से चुनाव में छोटे दलों और कुछ निर्दलीय विधायकों के रुख पर भी नजर रहेगी।

BJP के पास 8वीं सीट का गणित

वर्तमान विधानसभा गणित में बीजेपी नेतृत्व वाले NDA के पास करीब 289 विधायक हैं। इनमें बीजेपी के 256, अपना दल (सोनेलाल) के 13, RLD के 9, निषाद पार्टी के 5 और सुभासपा के 6 विधायक शामिल हैं। दो जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) विधायकों और तीन निर्दलीयों के संभावित समर्थन को जोड़ने पर यह संख्या और बढ़ सकती है। 289 के आधार पर NDA सात सीटें आसानी से जीत सकता है और आठवीं सीट के लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी।

तीसरे उम्मीदवार के लिए क्या है चुनौती?

सपा अगर तीसरा प्रत्याशी उतारती है तो उसके सामने अतिरिक्त वोट जुटाने की चुनौती होगी। मीडिया रिपोर्टों में अति पिछड़े या दलित चेहरे को तीसरे उम्मीदवार के तौर पर उतारने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि उम्मीदवारों के नाम और अंतिम रणनीति पर पार्टी की ओर से औपचारिक घोषणा बाकी है।

राज्यसभा चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली के जरिए होता है और इसमें विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। 2024 के यूपी राज्यसभा चुनाव में भी क्रॉस-वोटिंग के कारण अपेक्षित सीटों के मुकाबले नतीजों में बदलाव हुआ था, इसलिए इस बार अतिरिक्त वोट और विधायकों की वरीयता महत्वपूर्ण होगी।

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 9 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख होगी। 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।

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