लिंक एक्सप्रेसवे हादसा: जिस बस से गईं 4 जानें, उस पर पहले से 44 चालान और 2.44 लाख बकाया
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर अंबेडकरनगर के जैतपुर में ट्रेलर से टकराई बिहार की स्लीपर बस पर पहले से 44 चालान और 2,44,500 रुपये का जुर्माना बकाया था। बस में अवैध बदलाव भी मिले। हादसे में चार लोगों की मौत हुई थी।
एक्सप्रेसवे पर चलती बस — प्रतीकात्मक फोटो: HarshY17 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह हुए भीषण हादसे की जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है। अंबेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र में अंबरपुर टोल प्लाजा के पास जिस एसी स्लीपर बस की ट्रेलर से टक्कर हुई थी, उस पर पहले से 44 चालान दर्ज थे और 2,44,500 रुपये का जुर्माना बकाया था। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई यात्री घायल हुए थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बस चालक को झपकी आने से यह हादसा हुआ।
बस बिहार में पंजीकृत है और इसका पंजीकरण 14 जनवरी 2026 को हुआ था। परिवहन विभाग की जांच में पता चला कि पंजीकरण के करीब दो महीने बाद मार्च 2026 में लखनऊ में इसका पहला चालान 1,000 रुपये का कटा था। इसके बाद लगातार नियम तोड़ने पर चालान कटते रहे, लेकिन जुर्माना जमा नहीं हुआ।
एक्सप्रेसवे पर चलती बस (प्रतीकात्मक) — प्रतीकात्मक फोटो: Mehar / Wikimedia Commons (CC BY-SA 2.0)
बस में अवैध बदलाव
जांच में सामने आया कि बस कागजों में 17 सीट और 28 स्लीपर की क्षमता के साथ दर्ज थी, लेकिन इसमें अवैध रूप से बदलाव किए गए थे। बस पर कटे चालानों में अवैध मॉडिफिकेशन, नो पार्किंग में खड़ा करना, गलत दिशा में चलाना और सीट बेल्ट न लगाने जैसे उल्लंघन शामिल हैं। हालांकि बस का बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र और फिटनेस प्रमाणपत्र अपडेट मिले।
ट्रेलर पर भी 14 चालान
हादसे में शामिल ट्रेलर पर भी 2023 से 2025 के बीच 14 चालान कट चुके हैं, जिन पर करीब 80,000 रुपये बकाया हैं। पिछले एक साल में ट्रेलर पर कोई चालान नहीं कटा।
बस: बिहार नंबर की एसी स्लीपर
चालान: 44, बकाया 2,44,500 रुपये
ट्रेलर: 14 चालान, करीब 80,000 रुपये बकाया
हादसा: अंबरपुर टोल प्लाजा के पास, किलोमीटर 85, थाना जैतपुर
मामले की जांच अयोध्या के आरटीओ संजय कुमार झा, एआरटीओ सतेंद्र यादव और टीएसआई जेबी यादव कर रहे हैं। यह मामला सवाल उठाता है कि दर्जनों चालान के बावजूद ऐसी बसें सड़कों पर कैसे दौड़ती रहती हैं।
यात्री क्या करें
लंबी दूरी की निजी बस बुक करने से पहले वाहन का नंबर परिवहन सेवा पोर्टल या mParivahan ऐप पर डालकर उसके चालान और कागजात की स्थिति देखी जा सकती है। रात के सफर में चालक तेज या लापरवाही से चलाए तो 112 पर शिकायत करें।