शनिवार, 7 नवंबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

गाजियाबाद पुलिस चौकी ब्लास्ट की जांच तेज! ATS और दिल्ली स्पेशल सेल पहुंचीं, सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले दावे की भी पड़ताल

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए संदिग्ध धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।

Deepika

• Sr. Video Editor, Lucknow

5 मिनट गाजियाबाद

शेयर करें:
गाजियाबाद पुलिस चौकी ब्लास्ट की जांच तेज! ATS और दिल्ली स्पेशल सेल पहुंचीं, सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले दावे की भी पड़ताल

 शुक्रवार रात करीब 9 बजे हुए इस धमाके ने पुलिस महकमे से लेकर स्थानीय लोगों तक में हड़कंप मचा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS), दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते ने जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि पुलिस चौकी में हुआ धमाका किसी साजिश का हिस्सा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक संगठन के नाम से धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है। एजेंसियां सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता और धमाके के वास्तविक कारण, दोनों की जांच कर रही हैं।

वसुंधरा पुलिस चौकी में कैसे हुआ धमाका?

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 9 बजे इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली वसुंधरा पुलिस चौकी में अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसकी तीव्रता इतनी थी कि चौकी की खिड़कियों के शीशे टूट गए और परिसर में लगे एसी को भी नुकसान पहुंचा।

धमाके के बाद मौके पर पुलिस अधिकारी और जांच टीमें पहुंचीं। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, टूटे हुए शीशों की चपेट में आने से एक डिलीवरी कर्मचारी घायल हुआ। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

ATS और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जांच में जुटीं

धमाके की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल समेत अन्य जांच एजेंसियां भी अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

जांच टीमें यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमाके में किस तरह की सामग्री का इस्तेमाल हुआ। इसके अलावा घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आसपास की गतिविधियों और सोशल मीडिया पर सामने आए दावों की भी जांच की जा रही है।

फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही धमाके की प्रकृति और उसके पीछे की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

क्या पटाखे या सामान्य बारूद से हुआ था धमाका?

शुरुआती जांच में धमाके को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर पटाखे या सामान्य बारूद से जुड़े स्पष्ट संकेत नहीं मिलने की बात सामने आई है। वहीं, पुलिस अधिकारियों की ओर से जारी शुरुआती जानकारी में घटनास्थल पर विस्फोटक सामग्री, बारूद या रासायनिक अवशेष मिलने की पुष्टि नहीं की गई है।

ऐसे में जांच एजेंसियां किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं। धमाके में किसी विशेष उपकरण या अन्य सामग्री का इस्तेमाल हुआ था या नहीं, इसका पता फोरेंसिक जांच के बाद ही चल पाएगा।

सोशल मीडिया पर संगठन के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा

इस घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम के संगठन की ओर से धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में कथित तौर पर पुलिस चौकी को निशाना बनाने की बात भी कही गई।

हालांकि, इस पोस्ट की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पोस्ट वास्तव में किसी संगठन की ओर से की गई है या इसके पीछे किसी व्यक्ति अथवा समूह की शरारत है।

जांच एजेंसियां इस दावे को फिलहाल एक जांच के पहलू के तौर पर देख रही हैं। केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर धमाके को आतंकी हमला मान लेना जल्दबाजी होगी।

बीजेपी विधायक ने भी जताई चिंता

घटना के बाद स्थानीय बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए जिम्मेदारी लेने के दावे का जिक्र करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और दीपावली का त्योहार शांतिपूर्वक मनाने की अपील भी की।

हालांकि, विधायक की ओर से व्यक्त की गई आशंकाओं और सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों की ओर से अभी नहीं की गई है।

संवेदनशील इलाके में चौकी के भीतर धमाके से उठे सवाल

वसुंधरा पुलिस चौकी का इलाका काफी व्यस्त माना जाता है। यहां से इंदिरापुरम और गाजियाबाद के बीच लगातार आवाजाही रहती है। आसपास की सड़कें और ऊपर से गुजरने वाला एलिवेटेड रोड भी इस क्षेत्र को महत्वपूर्ण बनाते हैं।

ऐसे स्थान पर पुलिस चौकी के भीतर धमाका होना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के समय चौकी के भीतर कौन मौजूद था और धमाके से पहले वहां कोई संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई थी।

घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और चौकी के मुख्य गेट पर लगे कैमरे की रिकॉर्डिंग भी जांच का हिस्सा है। फुटेज से कोई सुराग मिलता है या नहीं, इसकी पड़ताल की जा रही है।

ISI मॉड्यूल से जुड़े पुराने इनपुट के बीच जांच

हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पुलिसकर्मियों तथा सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने से जुड़े कुछ खुफिया इनपुट मिले थे। इससे पहले यूपी पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और शहजाद भट्टी से कथित तौर पर जुड़े एक मॉड्यूल का खुलासा करने का दावा किया था।

ऐसे इनपुट के मद्देनजर वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके की जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है। हालांकि, अभी तक इस घटना का किसी पुराने मॉड्यूल या आतंकी नेटवर्क से सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है।

फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल गाजियाबाद पुलिस, यूपी एटीएस, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और फोरेंसिक विशेषज्ञ अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रहे हैं। जांच का मुख्य फोकस धमाके की वजह, इस्तेमाल की गई सामग्री, सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों पर है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, धमाके का वास्तविक कारण विस्तृत जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। ऐसे में फिलहाल किसी संगठन या व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए इस धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे पता चलेगा कि यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश छिपी है।

शेयर करें:

ये भी पढ़ें

और देखें →