पत्नी सारा को कैंसर हुआ तो टूट गए ब्लेयर टिकनर! 8 महीने चला इलाज, बोले- क्रिकेट से बड़ी है जिंदगी और परिवार
क्रिकेट की दुनिया में खिलाड़ियों पर अच्छा प्रदर्शन करने और टीम को जीत दिलाने का दबाव हमेशा बना रहता है। मैदान पर हर खिलाड़ी अपनी जगह बनाए रखने के लिए संघर्ष करता है, लेकिन जिंदगी में कुछ ऐसे पल भी आते हैं, जब खेल और करियर से ज्यादा परिवार की अहमियत समझ में आती है। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उनकी पत्नी सारा को ब्लड कैंसर होने की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। करीब आठ महीने तक चले इलाज और मुश्किल दौर ने टिकनर की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। अब उनका कहना है कि क्रिकेट जिंदगी का हिस्सा जरूर है, लेकिन जिंदगी से बड़ा नहीं है।
अप्रैल 2024 में पत्नी को कैंसर होने का चला पता
न्यूजीलैंड के 33 वर्षीय तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर की जिंदगी में अप्रैल 2024 का समय बेहद मुश्किल साबित हुआ। इसी दौरान उनकी पत्नी सारा को ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर होने का पता चला। इस खबर ने टिकनर और उनके पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
सारा के इलाज के दौरान परिवार को कई मुश्किल परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। अस्पताल के चक्कर, कीमोथेरेपी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता ने टिकनर की जिंदगी की प्राथमिकताओं को बदल दिया।
आठ महीने तक चला कैंसर का इलाज
सारा को कैंसर का पता चलने के बाद उनका लंबे समय तक इलाज चला। उन्हें करीब आठ महीने तक गहन कीमोथेरेपी से गुजरना पड़ा। यह समय टिकनर और उनके परिवार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था।
हालांकि, इस कठिन दौर के बीच परिवार को बड़ी राहत तब मिली, जब 2024 में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर सारा को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इसके बाद उनकी सेहत में सुधार हुआ और वह कैंसर से रिमिशन की स्थिति में पहुंच गईं।
रिमिशन का मतलब है कि बीमारी के लक्षण और संकेत काफी कम हो गए हैं या जांच में दिखाई नहीं दे रहे हैं। यह स्थिति नियमित मेडिकल निगरानी की जरूरत को खत्म नहीं करती।
पत्नी की बीमारी ने बदल दिया क्रिकेट को देखने का नजरिया
ब्लेयर टिकनर ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरे वनडे मुकाबले से पहले अपने मुश्किल दौर को याद किया। उन्होंने बताया कि करियर की शुरुआत में वह अपने प्रदर्शन को लेकर काफी दबाव महसूस करते थे।
लेकिन जब उनकी पत्नी का कैंसर का इलाज चल रहा था, तब उन्हें एहसास हुआ कि जिंदगी में क्रिकेट से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण चीजें हैं।
टिकनर के मुताबिक, इस मुश्किल समय में उनकी पत्नी सारा और परिवार ने उनका पूरा साथ दिया। अब वह क्रिकेट का आनंद लेने और मैदान पर अपने स्वाभाविक अंदाज में खेलने की कोशिश करते हैं।
बोले- अब क्रिकेट का मजा लेना चाहता हूं
टिकनर ने कहा कि उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। शुरुआत में वह प्रदर्शन को लेकर काफी दबाव में रहते थे, लेकिन अब उनकी सोच बदल चुकी है।
उन्होंने बताया कि वह अब मैदान पर मुस्कुराते हुए खेलना चाहते हैं और अपने खेल को खुलकर एंजॉय करना चाहते हैं। पत्नी की बीमारी ने उन्हें सिखाया कि क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है, लेकिन परिवार और अपनों के साथ बिताया गया समय उससे भी ज्यादा कीमती है।
बेटी और पत्नी के साथ घर लौटना सबसे बड़ी खुशी
ब्लेयर टिकनर की एक छोटी बेटी भी है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ दिया है, लेकिन दिन के आखिर में वह अपनी पत्नी और बेटी के पास घर लौटते हैं। उनके लिए यही सबसे बड़ी खुशी है।
टिकनर ने माना कि अब वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उनके पास उनका परिवार है। उनके लिए क्रिकेट अब जिंदगी की सबसे बड़ी प्राथमिकता नहीं रहा।
उनके इस बयान से साफ है कि परिवार के साथ बिताया गया मुश्किल दौर उनके जीवन को देखने के नजरिए में बड़ा बदलाव लेकर आया है।
भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड टीम का हिस्सा
ब्लेयर टिकनर भारत के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने 2019 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 2022 में वनडे और 2023 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया।
भारत के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में भी टिकनर चर्चा में रहे। उन्होंने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों पर 34 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और एक चौका शामिल था। हालांकि, उनकी टीम को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
अब दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड की टीम वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
क्रिकेट से बड़ी है जिंदगी, टिकनर की कहानी ने दिया भावुक संदेश
ब्लेयर टिकनर की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर के संघर्ष की कहानी नहीं है, बल्कि यह परिवार, हिम्मत और जिंदगी की असली प्राथमिकताओं को समझने का उदाहरण भी है।
मैदान पर विकेट लेने और टीम के लिए प्रदर्शन करने वाले इस तेज गेंदबाज ने अपनी निजी जिंदगी में ऐसा कठिन समय देखा, जिसने उन्हें बदलकर रख दिया। अब वह हर पल को जीना चाहते हैं और क्रिकेट को दबाव के बजाय खुशी के साथ खेलना चाहते हैं।
उनकी कहानी बताती है कि सफलता और करियर अपनी जगह हैं, लेकिन मुश्किल वक्त में परिवार का साथ और अपनों की मौजूदगी सबसे ज्यादा मायने रखती है।