लखनऊ में कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, OPS बहाली से लेकर आठवें वेतन आयोग में 3.8 फिटमेंट फैक्टर तक की उठेगी मांग; रामलीला मैदान में होगी राष्ट्रीय आक्रोश रैली।
लखनऊ। पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर केंद्र सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। पुरानी पेंशन योजना के प्रावधानों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय आक्रोश रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। इस रैली में उत्तर प्रदेश से 10 हजार से अधिक कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया गया है।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने मंगलवार को लखनऊ के प्रेरणा सदन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पुरानी पेंशन को बिना अंशदान वाली पेंशन योजना बताकर उसके वित्तीय बोझ का आकलन करने और पेंशन लाभों की समीक्षा को राजकोषीय अनुशासन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
सुभाष लांबा ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों की कोई खैरात नहीं, बल्कि उनके वेतन का स्थगित हिस्सा है। कर्मचारियों ने अपनी पूरी सेवा के दौरान देश और सरकार के लिए काम किया है। ऐसे में उनके अर्जित पेंशन अधिकारों को आर्थिक स्थिति का हवाला देकर कमजोर करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर की दिल्ली रैली में कर्मचारी एकजुट होकर इसका जवाब देंगे।
डीए और बोनस नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों को जुलाई से देय महंगाई भत्ता (DA) और दीपावली से पहले मिलने वाला बोनस जारी नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों कर्मचारी दिल्ली की रैली में भाग लेंगे।

आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए समान काम-समान वेतन की मांग
महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक में सरकार की ओर से की गई बढ़ोतरी को अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए। साथ ही लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग भी उठाई।

पेंशनर्स भी रैली में होंगे शामिल
अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष एसपी सिंह ने कहा कि 12 दिसंबर की रैली में हजारों पेंशनर्स भी हिस्सा लेंगे। उन्होंने पेंशन वैलिडेशन एक्ट-2025 को रद्द करने की मांग उठाने की बात कही।
रैली के प्रभारी एवं समन्वयक जेपी पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश से 10 हजार से अधिक कर्मचारी दिल्ली पहुंचेंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

रैली में उठेंगी कर्मचारियों की ये प्रमुख मांगें
12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रैली में कर्मचारी संगठन कई महत्वपूर्ण मांगें उठाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से:

- पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करना।
- पीएफआरडीए एक्ट और एनपीएस-यूपीएस को रद्द करना।
- आठवें वेतन आयोग में 3.8 फिटमेंट फैक्टर लागू करना।
- वार्षिक वेतन वृद्धि की दर 5 प्रतिशत करना।
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 40 हजार रुपये निर्धारित करना।
- मूल वेतन का 20 प्रतिशत और न्यूनतम 5 हजार रुपये मासिक अंतरिम राहत देना।
- रिक्त पदों पर नियमित भर्ती शुरू करना।
- बकाया 18 प्रतिशत डीए/डीआर जारी करना।
- सरकारी विभागों में निजीकरण और पदों की कटौती पर रोक लगाना।
- आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देना।
- सभी कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के कोषाध्यक्ष राम भजन मौर्य और सह कोषाध्यक्ष एवं लखनऊ जनपद अध्यक्ष अफीफ सिद्दीकी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन, वेतन विसंगतियों, महंगाई भत्ते और आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
अब सबकी निगाहें 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय आक्रोश रैली पर टिकी हैं। देखना होगा कि कर्मचारी संगठनों की इस एकजुटता और मांगों पर केंद्र सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

संवाददाता: राज किशोर बारी | लखनऊ