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JSCB घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, झारखंड-ओडिशा के 7 ठिकानों पर छापेमारी

रांची। झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (JSCB) की सरायकेला शाखा से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच गई है। शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को ED की रांची यूनिट ने झारखंड और ओडिशा में कुल 7 ठिकानों पर एक साथ तलाशी और जब्ती की कार्रवाई…

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V K Singh

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JSCB घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, झारखंड-ओडिशा के 7 ठिकानों पर छापेमारी

रांची। झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (JSCB) की सरायकेला शाखा से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंच गई है। शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को ED की रांची यूनिट ने झारखंड और ओडिशा में कुल 7 ठिकानों पर एक साथ तलाशी और जब्ती की कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम यानी PMLA की धारा 17 के तहत की जा रही है।

ED की यह कार्रवाई JSCB की सरायकेला शाखा में कथित 4.14 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता/फर्जीवाड़े की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में कारोबारी संजय कुमार डालमिया और बैंक के तत्कालीन अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत की जांच की जा रही है। आरोप है कि इस कथित सांठगांठ के जरिए बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

7 ठिकानों पर ED की तलाशी

जानकारी के मुताबिक ED की टीमें झारखंड और ओडिशा में अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागजात खंगाल रही हैं। एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि कथित घोटाले में रकम का लेनदेन किस तरह हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ED आगे की कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई जारी है और जांच एजेंसी की ओर से बरामदगी या आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

क्या है पूरा मामला?

मामला झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की सरायकेला शाखा से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, शाखा में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी कर वित्तीय लेनदेन और ऋण से जुड़ी अनियमितताएं की गईं। इस मामले में करीब 4.14 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी जांच के केंद्र में है। ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रकम से जुड़े लेनदेन का वास्तविक स्वरूप क्या था और कथित फर्जीवाड़े से हासिल धन का इस्तेमाल या स्थानांतरण किस तरह हुआ।

मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच

ED की एंट्री के बाद मामले का दायरा केवल बैंकिंग अनियमितता तक सीमित नहीं रहा है। एजेंसी PMLA के तहत यह जांच कर रही है कि कथित अपराध से जुड़ी रकम को कहीं दूसरे वित्तीय लेनदेन या संपत्तियों के जरिए छिपाने अथवा इस्तेमाल करने की कोशिश तो नहीं की गई।

फिलहाल ED की टीम सातों ठिकानों पर दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है। तलाशी से सामने आने वाली जानकारी के आधार पर मामले में आगे पूछताछ, संपत्ति से जुड़ी कार्रवाई या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, जांच पूरी होने और अदालत में आरोप साबित होने तक मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

18 सितंबर 2026 की उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, ED की यह कार्रवाई अभी जारी है।

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