कुशीनगर। करीब चार साल से बंद पड़ी कप्तानगंज चीनी मिल के फिर से चालू होने की उम्मीद जगी है। मिल प्रबंधन ने इसे 2027-28 के पेराई सत्र में चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। 2021-22 का पेराई सत्र खत्म होने के बाद फरवरी 2022 से आर्थिक संकट के चलते मिल बंद है।
प्रबंधन ने किया निरीक्षण
गुरुवार को प्रबंधन के उपाध्यक्ष एसके श्रीवास्तव ने टीम के साथ मिल का निरीक्षण किया। टीम ने लंबे समय से बंद पड़ी मशीनों की हालत देखी और खराब हो चुकी इकाइयों की पहचान की। उपाध्यक्ष ने कहा कि कप्तानगंज मिल प्रबंधन की एक अहम इकाई है।
25 से 30 करोड़ की मरम्मत
प्रबंधन के मुताबिक नवंबर की शुरुआत से मरम्मत का काम शुरू होगा। खराब मशीनें बदलने और ज़रूरी मरम्मत पर करीब 25 से 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।




