उत्तर प्रदेश में अस्पतालों की दवा दुकानों से महंगी दवा खरीदने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने अस्पतालों की फार्मेसी को निर्देश दिया है कि वे दवाओं, मेडिकल उपकरणों और न्यूट्रास्यूटिकल्स की खरीद और बिक्री कीमत सार्वजनिक करें। मरीज फार्मेसी काउंटर पर लगे QR कोड को स्कैन कर अपने मोबाइल पर यह जानकारी देख सकेंगे।
वेबसाइट पर देनी होगी पूरी जानकारी
हर फार्मेसी को अपनी वेबसाइट बनानी होगी, जिस पर ये जानकारियां देनी होंगी:
- दवा बनाने वाली कंपनी, ब्रांड और जेनेरिक नाम
- प्राइस टू रिटेलर (PTR) — फार्मेसी ने दवा किस दाम पर खरीदी
- प्राइस टू कंज्यूमर (PTC) — मरीज को किस दाम पर बेची जा रही है
- फार्मेसी का नाम, लाइसेंस नंबर और फार्मासिस्ट का पंजीकरण नंबर व फोटो
- हर हफ्ते अपडेट किया गया स्टॉक
जांच में मिला 67 गुना तक मुनाफा
FSDA ने 214 अस्पताल फार्मेसी में 130 दवाओं की जांच की थी। इसमें कुछ दवाओं पर 67 गुना तक मुनाफा वसूले जाने की बात सामने आई। उदाहरण के तौर पर पॉलीमिक्सिन-बी इंजेक्शन की खरीद कीमत 74.09 रुपये थी, जबकि इसकी एमआरपी 4,980.94 रुपये दर्ज थी।





