बालिग बेटी को अपनी मर्जी से रहने का अधिकार, हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज
7 अक्टूबर 2026 को 12:00 pm बजे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बालिग बेटी को उसकी मर्जी के खिलाफ माता-पिता के साथ रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकल पीठ ने मऊ निवासी एक महिला की बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका खारिज कर दी। मां ने बेटी को कोर्ट में पेश कराने और उसे अपने साथ रखने की मांग की थी। बेटी ने कोर्ट में मां के साथ रहने से इनकार किया, जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि बालिग नागरिक को अपनी पसंद के स्थान पर रहने का संवैधानिक अधिकार है। पूरी खबर वीडियो में देखें। 🔔 चैनल सब्सक्राइब करें: / @loktantra.livetv loktantra_live_tv
