बुधवार, 30 सितंबर 2026
लोकतंत्र लाइव टीवी लोगो
ब्रेकिंग

लोकतंत्र लाइव टीवी

@Loktantra.LiveTV • हर खबर लाइव और वीडियो में

SUBSCRIBE

भरत तिवारी एनकाउंटर पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, पुलिस से हुई भारी गलती

19 सितंबर 2026 को 11:05 am बजे

शेयर करें:

भरत तिवारी एनकाउंटर पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, पुलिस से हुई भारी गलती भोजपुर में भरत तिवारी कथित एनकाउंटर केस का मुद्दा फिर एक बार उठा है और इस बार किसी आम आदमी या फिर कोई खास राजनीतिक या सामाजिक संगठन ने नहीं उठाया है, बल्कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं इसमें हुई चूक या फिर गलती को स्वीकार किया है. इसके साथ ही उन्होंने न्याय के साथ रहने एवं दोषियों को हर हाल में सजा दिलवाने के संकल्प को भी दोहराया है. वहीं, उन्होंने सरकार के लिए 'पुलिस की सख्ती' और 'पुलिस की जवाबदेही' के बीच संतुलन बनाने की रेखा भी खींचने की कोशिश की है. हालांकि, राजनीति के जानकार उसके पीछे छिपी राजनीतिक कहानी और रणनीति भी ढूंढते हैं और सवाल उठा रहे हैं कि इस बहाने क्या यूजीसी नई गाइडलाइन और एससीएसटी एक्ट के सियासी शोर में क्या सम्राट चौधरी उस पुराने राजनीतिक समीकरण को बदलना चाहते हैं जिसमें भाजपा-जेडीयू की राजनीति में सवर्ण, खासकर ब्राह्मण वोट को एक स्थायी समर्थन मान लिया जाता था? बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक निजी चैनल के कार्यक्रम के मंच से भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर कहा कि इस मामले में पुलिस से भारी गलती हुई थी. एक प्रदेश के मुख्यमंत्री का अपनी ही सरकार में हुई गलती की स्वीकारोक्ति सामान्य प्रशासनिक जवाब भर नहीं मानी जा सकती है. दरअसल, किसी सरकार के मुखिया का पुलिस कार्रवाई में गलती स्वीकार करना अपने आप में राजनीतिक जवाबदेही का बड़ा संदेश भी देता है. इसी कड़ी में सीएम सम्राट की अगली बात और भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने साफ कहा कि पुलिस को काम करने की पूरी आजादी मिलेगी, लेकिन जवाबदेही की जिम्मेदारी होगी. साफ है कि सम्राट सरकार का मॉडल पुलिस को कमजोर करने का नहीं, बल्कि पुलिस की कार्रवाई को और अधिक जवाबदेह बनाने का संदेश है. दरअसल, यह सवाल इसलिए बड़ा है क्योंकि 26 साल के समाजसेवी भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद ब्राह्मण समाज में भारी नाराजगी है और बीजेपी के भीतर ही इसे सवर्णों के प्रति पार्टी के भीतर दुराग्रह भी कहा गया. इसको राजनीतिक-सामाजिक समीकरण की दृष्टि से देखें तो बिहार में ब्राह्मण वोट 3 से 4 प्रतिशत है, लेकिन शाहपुर, बक्सर, आरा, बक्सर-भोजपुर बेल्ट में निर्णायक है. सम्राट चौधरी खुद पिछड़े वर्ग के चेहरे के तौर पर उभरे हैं, जबकि दूसरी ओर बीजेपी को सवर्ण मतदाताओं का भरोसा भी आवश्यक रूप से चाहिए. इसलिए मंच से गलती मानना सीधे ब्राह्मणों को मनाने की कोशिश कही जा रही है. हालांकि, पहलू का दूसरा राजनीतिक कोण भी है. वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार शर्मा कहते हैं, भरत तिवारी एनकाउंटर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान पहली नजर में पुलिस की गलती स्वीकार करने और परिवार को न्याय का भरोसा देने वाला बयान है. लेकिन, बिहार की राजनीति में इसे केवल कानून-व्यवस्था के चश्मे से देखना अधूरा होगा. इस बयान के पीछे एक और सवाल है. क्या नई सरकार उस राजनीति से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है, जिसमें पुलिस को अपराध के खिलाफ खुली छूट देना और आम लोगों, विशेषकर सवर्ण समाज की शिकायतों को अलग-अलग तरीके से संभालना दो अलग राजनीतिक रेखाएं थीं. यहां सीएम सम्राट चौधरी ने एक ही मंच से दोनों संदेश देने की कोशिश की है. पुलिस को काम करने की आजादी भी मिलेगी और गलती पर पुलिस भी बचेगी नहीं.भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी 26 वर्ष के भरत भूषण तिवारी 17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे. पुलिस का दावा था कि वह पिस्टल लेकर हवाई फायरिंग कर रहे थे, इसी बीच STF के सरेंडर कहने