भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर पाकिस्तान से एक बड़ा बयान सामने आया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक वरिष्ठ सलाहकार ने स्वीकार किया है कि दोनों देशों के संबंधों में आई दूरी के लिए पाकिस्तान ने कई अहम अवसर गंवा दिए। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान की बात सुनने तक के इच्छुक नहीं हैं और दोनों देशों के बीच संवाद लगभग ठप हो चुका है।
सलाहकार ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पाकिस्तान ने अतीत में कई ऐसे मौके गंवाए, जिनसे भारत के साथ बेहतर रिश्ते बनाए जा सकते थे। उनके अनुसार, लगातार राजनीतिक अस्थिरता, आतंकवाद से जुड़े मुद्दों और आपसी अविश्वास ने दोनों देशों के संबंधों को गंभीर रूप से प्रभावित किया। उन्होंने माना कि यदि समय रहते सही फैसले लिए गए होते, तो आज स्थिति अलग हो सकती थी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी विदेश नीति और वैश्विक प्रभाव को काफी मजबूत किया है। वहीं पाकिस्तान आंतरिक आर्थिक चुनौतियों और राजनीतिक संकटों से जूझता रहा, जिसका असर उसकी अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर भी पड़ा। उनके मुताबिक, भारत के साथ बातचीत का माहौल बनाने के लिए पाकिस्तान को पहले विश्वास बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।








