नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटनाक्रम पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं है, बल्कि यह छात्रों के संघर्ष और जनता के दबाव की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लंबे समय तक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों को नजरअंदाज करती रही और अब जनता के दबाव के आगे झुकना पड़ा।
राहुल गांधी ने कहा, “यह सिर्फ शुरुआत है। अब समय आ गया है कि जनता इस सरकार से पूरे सिस्टम का हिसाब मांगे। अगर सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा नहीं कर सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि देशभर के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों ने लगातार आवाज उठाई, जिसके चलते सरकार को आखिरकार यह फैसला लेना पड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि केवल मंत्री बदलने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि पूरे तंत्र में सुधार की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।








