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उत्तराखंड वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का आखिरी मौका, दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू, जानें पूरी डिटेल्स

देहरादून, उत्तराखंड। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है या जिनके नाम, पते अथवा अन्य…

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V K Singh

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उत्तराखंड वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का आखिरी मौका, दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू, जानें पूरी डिटेल्स

देहरादून, उत्तराखंड। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है या जिनके नाम, पते अथवा अन्य विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि है, उनके लिए यह अंतिम अवसर माना जा रहा है।

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पात्र नागरिक निर्धारित अवधि के दौरान नया नाम जुड़वाने, किसी प्रविष्टि में संशोधन कराने, नाम हटाने या स्थानांतरण से संबंधित आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और निर्वाचन कार्यालयों में आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध है।

आयोग ने विशेष रूप से उन युवाओं से अपील की है, जिन्होंने निर्धारित आयु पूरी कर ली है लेकिन अभी तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं कराया है, वे समय रहते आवेदन अवश्य करें। इसके अलावा यदि किसी मतदाता का नाम सूची से छूट गया है या किसी मृत अथवा स्थानांतरित व्यक्ति का नाम अब भी सूची में दर्ज है, तो उसके संबंध में भी दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।

जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और नियमानुसार जांच पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे या आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपना आवेदन जमा करें। मतदाता सूची में नाम दर्ज होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। इसलिए सभी पात्र नागरिक अपने नाम और विवरण का सत्यापन कर आवश्यक होने पर दावा या आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं।

आयोग का कहना है कि पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना प्राथमिकता है, ताकि आगामी चुनावों में प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। नागरिक अपने आवेदन की स्थिति संबंधित निर्वाचन कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी देख सकते हैं।

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