राजस्थान के सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगर पालिका में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव सोमवार को हुए हाई-वोल्टेज सियासी घटनाक्रम के बाद स्थगित कर दिया गया। वार्ड नंबर 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के मतदान के लिए नहीं पहुंचने के बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर…
राजस्थान के सीकर जिले की खाटूश्यामजी नगर पालिका में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव सोमवार को हुए हाई-वोल्टेज सियासी घटनाक्रम के बाद स्थगित कर दिया गया। वार्ड नंबर 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के मतदान के लिए नहीं पहुंचने के बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देर रात तक इंतजार और कई बार समय बढ़ाए जाने के बाद निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चुनाव स्थगित कर दिया गया।
मतदान केंद्र नहीं पहुंचीं लक्ष्मी देवी
अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए वार्ड पार्षदों को मतदान करना था, लेकिन वार्ड नंबर 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी मतदान स्थल पर नहीं पहुंचीं। उनकी गैरमौजूदगी के बाद दोनों राजनीतिक खेमों में हलचल बढ़ गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, मतदान की समय-सीमा कई बार बढ़ाई गई, लेकिन लक्ष्मी देवी के नहीं पहुंचने के कारण देर रात तक चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने मतदान स्थगित करने का फैसला लिया।
अपहरण की शिकायत, जांच में जुटी पुलिस
लक्ष्मी देवी के परिजनों की ओर से उनके कथित अपहरण की शिकायत पुलिस को दी गई है। हालांकि, अपहरण का आरोप अभी जांच का विषय है और इसकी पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बीजेपी समर्थकों ने किया प्रदर्शन
पार्षद के मतदान के लिए नहीं पहुंचने के बाद बीजेपी नेताओं और समर्थकों ने धरना दिया। बीजेपी समर्थकों की ओर से आरोप लगाया गया कि कांग्रेस ने जानबूझकर अपनी पार्षद को मतदान से दूर रखा है।
दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने मतदान की समय-सीमा बार-बार बढ़ाए जाने को लेकर आपत्ति जताई और प्रशासन से बातचीत की। इस दौरान नगर पालिका परिसर के बाहर राजनीतिक गहमागहमी बनी रही।
चुनाव अधिकारी ने क्या कहा?
रिपोर्टों के अनुसार, निर्वाचन अधिकारी कपिल उपाध्याय ने देर रात बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर खाटूश्यामजी में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का मतदान स्थगित कर दिया गया है। आगे की तारीख परिस्थितियों के अनुसार तय की जाएगी।
इससे पहले खाटूश्यामजी नगर पालिका के 20 वार्डों के चुनाव परिणाम में कांग्रेस और बीजेपी के बीच बराबरी का मुकाबला रहा था, जबकि निर्दलीय और अन्य पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई थी। ऐसे में एक पार्षद का वोट अध्यक्ष पद के चुनाव में अहम माना जा रहा था।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों का चुनाव स्थगित है। लक्ष्मी देवी के संबंध में पुलिस जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद निर्वाचन आयोग आगे की तारीख को लेकर निर्णय करेगा।
इस पूरे घटनाक्रम में अपहरण का आरोप अभी आरोप ही है। पार्षद के साथ वास्तव में क्या हुआ और वह मतदान केंद्र क्यों नहीं पहुंचीं, इसका स्पष्ट निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।