सत्येन्द्र बारी के प्रयास से रेलवे से विस्थापित 18 परिवारों के पुनर्वास की कार्रवाई तेज, खुद मौके पर पहुँचकर जांची प्रगति जौनपुर। मुंगरा बादशाहपुर क्षेत्र के ग्राम रामपुर में रेलवे लाइन की जद में आने से विस्थापित हुए 18 बारी परिवारों को जमीन और आवास दिलाने के…
सत्येन्द्र बारी के प्रयास से रेलवे से विस्थापित 18 परिवारों के पुनर्वास की कार्रवाई तेज, खुद मौके पर पहुँचकर जांची प्रगति

जौनपुर। मुंगरा बादशाहपुर क्षेत्र के ग्राम रामपुर में रेलवे लाइन की जद में आने से विस्थापित हुए 18 बारी परिवारों को जमीन और आवास दिलाने के मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।
इस प्रकरण को सत्येन्द्र बारी ने पहले स्वयं शासन-प्रशासन के समक्ष गंभीरता से उठाया था। परिवारों की समस्या को लेकर उन्होंने आवश्यक आवेदन एवं पत्राचार करते हुए संबंधित स्तर से कार्रवाई के आदेश भी कराए थे।
आदेश होने के बाद मामला केवल कागजों तक सीमित न रह जाए, इसलिए सत्येन्द्र बारी स्वयं मौके पर यह देखने पहुँचे कि आदेश पर अब तक कितनी कार्रवाई हुई है और प्रभावित परिवारों को जमीन व आवास दिलाने की प्रक्रिया कहाँ तक पहुँची है।
मौके पर उनके साथ उपजिलाधिकारी, क्षेत्रीय थानाध्यक्ष, नायब तहसीलदार, कानूनगो एवं क्षेत्रीय लेखपाल उपस्थित रहे। अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण कर पूरे प्रकरण की प्रगति की समीक्षा की गई तथा शेष प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सत्येन्द्र बारी ने कहा कि रेलवे लाइन से विस्थापित इन 18 परिवारों को जल्द से जल्द जमीन और आवास उपलब्ध कराया जाए। सरकार पूरी मजबूती से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
पहले आदेश कराया, अब जमीन पर उतरकर देख रहे कार्रवाई — सत्येन्द्र बारी का अलग अंदाज
पूरे प्रदेश में सत्येन्द्र बारी की इसी कार्यशैली की चर्चा हो रही है—समस्या सामने आई तो शासन तक बात पहुँचाई, आदेश कराया और फिर खुद मौके पर पहुँचकर जांच रहे हैं कि पीड़ित को वास्तव में न्याय मिला या नहीं।
रेलवे से विस्थापित 18 परिवारों की वर्षों पुरानी उम्मीद अब जल्द हो सकती है पूरी—मिलेगी जमीन, बनेगा आवास।