नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा छात्रों के लंबे संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत है, लेकिन इससे सरकार की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के युवाओं ने जिस साहस के साथ अपनी आवाज उठाई, उसे दबाने की हर कोशिश नाकाम रही और आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा।
प्रियंका गांधी ने कहा, “तानाशाही नहीं चलेगी। सरकार को देश के युवाओं और छात्रों के सवालों का जवाब देना होगा। केवल एक मंत्री के इस्तीफे से बात खत्म नहीं होती। जिन छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया और जिन पर कार्रवाई हुई, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार छात्रों की आवाज को अनदेखा करती रही और विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश करती रही।
कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है और जब लाखों छात्र सड़कों पर उतरकर जवाबदेही की मांग करते हैं, तो सरकार का कर्तव्य है कि वह उनकी बात सुने। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे।








