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नासिक TCS केस मामले में खुलासा, तौसीफ ने दोस्त से की थी पीड़िता को मलेशिया में नौकरी दिलाने की बात

नाशिक के बहुचर्चित TCS धर्मांतरण मामले में पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट से एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. चार्जशीट के मुताबिक, मुख्य आरोपी तौसीफ अत्तार और उसके साथियों ने केवल पीड़िता का धर्म ही नहीं बदला था, बल्कि उसे हमेशा के लिए भारत से बाहर…

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V K Singh

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नासिक TCS केस मामले में खुलासा, तौसीफ ने दोस्त से की थी पीड़िता को मलेशिया में नौकरी दिलाने की बात

नाशिक के बहुचर्चित TCS धर्मांतरण मामले में पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट से एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. चार्जशीट के मुताबिक, मुख्य आरोपी तौसीफ अत्तार और उसके साथियों ने केवल पीड़िता का धर्म ही नहीं बदला था, बल्कि उसे हमेशा के लिए भारत से बाहर ‘मलेशिया’ भेजने की खौफनाक साजिश भी रच ली थी. इस पूरे खूनी खेल का पर्दाफाश तौसीफ के ही एक दोस्त इमरान शब्बीर खान के पुलिस को दिए गए बयान से हुआ है. चार्जशीट में दर्ज इमरान खान के बयान के अनुसार, वह अपने दोस्तों के साथ 21 जनवरी से 27 जनवरी 2026 के बीच मलेशिया घूमने गया था. 25 जनवरी 2026 को जब वह लंकावी बीच पर मौजूद था, तब उसने अपने “जिम बॉयज” नाम के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक वीडियो कॉल की थी. इस कॉल में मुख्य आरोपी तौसीफ अत्तार के अलावा फरान शेख और शाहरुख कुरैशी भी जुड़े थे.बातचीत के दौरान तौसीफ ने इमरान से कहा कि उसने, दानिश शेख और निदा खान ने मिलकर अपने ऑफिस (TCS) में काम करने वाली युवती को इस्लाम धर्म स्वीकार करवा दिया है और अब उसका नया नाम “हनिया” रखा गया है.
‘हनिया के लिए मलेशिया में नौकरी खोजो’
तौसीफ ने आगे इमरान से कहा कि वह ‘हनिया’ को मलेशिया में ही नौकरी दिलाना चाहता है. उसने इमरान से पूछा कि क्या मलेशिया में उसका कोई एजेंट या पहचान वाला है, जो इस काम में उनकी मदद कर सके? इमरान ने पुलिस को बताया कि उसने उस वक्त तौसीफ से कहा कि वह सिर्फ घूमने आया है और उसने किसी भी तरह की मदद करने से साफ इनकार कर दिया था.

इसके अगले ही दिन यानी 26 जनवरी 2026 को व्हाट्सएप ग्रुप पर फिर से कॉल हुई. इस बार भी तौसीफ ने पीड़िता के लिए मलेशिया में नौकरी की व्यवस्था करने की बात दोहराई, लेकिन इमरान ने दोबारा मदद करने से मना कर दिया.

पीड़िता के दावों पर लगी मुहर
जांच एजेंसियां इमरान के इस बयान को इस केस का एक अहम सुराग मान रही हैं. दरअसल, मुख्य पीड़िता ने भी अपनी एफआईआर (FIR) में यह गंभीर आरोप लगाया था कि तौसीफ अत्तार, दानिश शेख और निदा खान ने उसे मलेशिया भेजने और वहां नौकरी दिलाने का झूठा प्रलोभन दिया था. अब इमरान के बयान से पीड़िता के इस दावे को पूरी तरह बल मिल गया है कि आरोपियों के बीच उसे विदेश भेजने की पक्की योजना बन चुकी थी.

पुलिस खंगाल रही है असली ‘मकसद’
इमरान के दावों की सत्यता जांचने के लिए पुलिस ने उसके मलेशिया दौरे से जुड़े सभी दस्तावेज—जैसे टिकट बुकिंग, होटल के बिल, पासपोर्ट और वीजा की प्रतियां—रिकॉर्ड में ले ली हैं. अब पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि पीड़िता को मलेशिया भेजने की यह कथित साजिश किस स्तर तक पहुंच चुकी थी और इसके पीछे आरोपियों का असली और खौफनाक मकसद क्या था? फिलहाल मामले की जांच तेज कर दी गई है.

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