पटना: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के Gen Z और छात्र आंदोलनों को लेकर दिए गए बयान पर बिहार की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बिहार सरकार को निशाने पर लेते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी नेताओं ने कहा कि जब खुद संघ प्रमुख यह स्वीकार कर रहे हैं कि युवाओं की शिकायतें जायज हैं और आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा है, तब बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा नेता छात्रों की आवाज दबाने का काम कर रहे हैं।
आरजेडी के प्रवक्ता ने कहा कि बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन को अब संघ प्रमुख की बात सुननी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “नितिन नवीन ने तो छात्रों को हमेशा गलत ठहराने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की, जबकि अब मोहन भागवत खुद कह रहे हैं कि Gen Z की बात सुननी चाहिए और उनकी शिकायतें वास्तविक हैं।” आरजेडी ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता युवाओं के मुद्दों पर दोहरी राजनीति कर रहे हैं।
दरअसल, मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि यदि Gen Z आंदोलन कर रही है तो उन्हें देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र में संवाद का एक माध्यम है और युवाओं की बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। भागवत ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी सवाल पूछती है और उसे तार्किक जवाब चाहिए। उनके मुताबिक, यदि किसी मुद्दे पर आंदोलन हो रहा है तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं कोई कमी जरूर रही है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।








