लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना का एक बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद विपक्ष ने उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने पर स्पीकर सतीश महाना ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है।
दरअसल, एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सतीश महाना ने दान और सामाजिक योगदान को लेकर टिप्पणी की थी। उनके बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे लेकर आपत्ति जताई और विपक्षी दलों ने इसे असंवेदनशील बताते हुए निशाना साधा। देखते ही देखते मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
विवाद बढ़ने पर स्पीकर सतीश महाना ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा कि “दान देने के बाद उसका प्रचार नहीं करना चाहिए। दान का वास्तविक महत्व तभी है जब वह निस्वार्थ भाव से किया जाए।” उनका कहना था कि उनके पूरे भाषण को सुने बिना केवल कुछ सेकंड की क्लिप वायरल कर दी गई, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।








