नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ने केंद्र सरकार को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि यदि धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया गया तो देशभर में पहले से कहीं बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली अहम बैठक से ठीक पहले संगठन ने यह सख्त अल्टीमेटम जारी किया है।
CJP के नेताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आए कथित पेपर लीक मामलों और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए। संगठन ने दावा किया कि उनकी तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी गई हैं—धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमों की वापसी और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा। उनका कहना है कि इन मांगों में सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है और इससे कम कुछ भी स्वीकार नहीं होगा।
CJP के प्रवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार अगले एक-दो दिनों के भीतर कोई ठोस फैसला नहीं करती है तो देशव्यापी आंदोलन का नया चरण शुरू किया जाएगा। उनका दावा है कि यह प्रदर्शन पहले हुए आंदोलनों से कहीं बड़ा होगा और इसमें देशभर के छात्र, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठन शामिल होंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और व्यापक सुधार की लड़ाई है।








