पटना: बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया। 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में है। सरकार की ओर से सदन में 13 विधेयक लाए जाने की संभावना है, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा। सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
सरकार का कहना है कि मानसून सत्र में विकास योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयकों को सदन की मंजूरी दिलाई जाएगी। इसके अलावा अनुपूरक बजट के माध्यम से कई नई योजनाओं और अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों को स्वीकृति दिलाने का प्रयास होगा। सरकार को उम्मीद है कि सदन में विधायी कार्य सुचारु रूप से संपन्न होंगे।
दूसरी ओर, विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह सरकार को कानून-व्यवस्था, अपराध की घटनाओं, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है। विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है। ऐसे में सदन के भीतर इन मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं।








