नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मौर्य पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर मदरसों को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, तो फिर राम मंदिर चढ़ावे की चोरी के आरोपियों को क्या “देशभक्त” कहा जाएगा? सिब्बल की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था या पूरे समुदाय को अपराधियों की वजह से कटघरे में खड़ा करना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंदिरों में चढ़ावे की चोरी जैसे मामलों में आरोपी सामने आते हैं, तब क्या पूरे समुदाय या संस्था पर सवाल उठाए जाते हैं? उन्होंने कहा, “अगर मदरसे वाले आतंकी हैं, तो क्या चंदा चोर देशभक्त हैं?” और आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब हाल के दिनों में केशव प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि दोषी कोई भी हो, उसे कानून सजा देगा और चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया था कि अपराधी की पहचान उसके धर्म से नहीं बल्कि उसके अपराध से होती है।








